वोटर आई कार्ड के फार्म पंजाबी और इंग्लिश में होंगे, हरियाणा सीएम खट्टर ने दी मंजूरी
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी (HSGPC) के चुनाव में अभी चार माह का समय लग सकता है। यह चुनाव दिसंबर माह के अंत में होने की संभावना है। फिलहाल राज्य गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त जस्टिस एचएस भल्ला चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराने में जुटे हुए हैं।
पूरे प्रदेश को सिख मतदाताओं के हिसाब से 40 सेक्टरों में बांटा गया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहाक) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की।

इस मुलाकात के दौरान सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद भी मौजूद रहे। सिख प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष नए मतदाता बनाने में आ रही दिक्कतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वोट बनाने के फार्म में पंजाबी व अंग्रेजी भाषा नहीं
एचएसजीपीसी की एडहाक कमेटी का कार्यकाल डेढ़ साल का था, जो पूरा हो चुका है। कमेटी के प्रधान संत करमजीत सिंह और महासचिव गुरविंदर सिंह धमीजा अपने पदों से इस्तीफे दे चुके हैं।
एचएसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि वोट बनाने के फार्म में पंजाबी व अंग्रेजी भाषा नहीं है। यह फार्म सिर्फ हिंदी भाषा में है, जिससे काफी परेशानी आ रही है।
सिख नेताओं ने मतदाता फार्म पंजाबी व अंग्रेजी में भी छपवाने का अनुरोध किया। इसके अलावा सेक्टरों में नोडल अधिकारियों के साथ पंजाबी भाषा के शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव के दौरान लगाने का सुझाव दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने मान लिया।
मतदाता फार्म में एक शब्द हजामत पर सिख नेताओं ने आपत्ति जताई और इस शब्द के स्थान पर पतित शब्द का इस्तेमाल करने की सलाह दी। गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा की सिख संगत के हाथों में आ जाएगा।
एचएसजीपीसी के संयुक्त सचिव स. मोहनजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को मान लिया है। सरकार का इरादा बिल्कुल भी चुनाव प्रक्रिया को लंबा या अधिक दिनों तक ले जाने का नहीं लगता।
हमें उम्मीद है कि दिसंबर में एचएसजीपीसी के चुनाव हो जाएंगे, जिसके बाद हरियाणा के सभी गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा की सिख संगत के हाथों में आ जाएगा।












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