विद्या संबल योजना : राजस्थान में प्राइवेट टीचर महात्मा गांधी स्कूल्स में गेस्ट फेकल्टी के रूप में पढ़ाएंगे
विद्या संबल योजना : प्राइवेट टीचर को महात्मा गांधी स्कूल्स में गेस्ट फेकल्टी के रूप में पढ़ाएंगे
बीकानेर, 13 जून। राजस्थान के शिक्षा विभाग से बड़ी खबर है. शिक्षा विभाग ने राज्य में विद्या संबल योजना शुरू कर दी है. इस योजना के तहत प्राइवेट टीचर सरकारी अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ा सकेंगे. इन प्राइवेट टीचर को महात्मा गांधी स्कूल्स में गेस्ट फेकल्टी के रूप में पढ़ाने का मौका दिया जाएगा. सरकार उन्हें प्रति घंटे के हिसाब से 300 से 400 रुपये देगी. प्राइवेट टीचर को मौका देने से पहले सरकार ने कई लोगों के इंटरव्यू लिए. लेकिन, उसे कोई योग्य टीचर नहीं मिले. इसलिए इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया. माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने शनिवार को इसके आदेश भी जारी कर दिए.

गौरतलब है कि सरकार ने राज्य में हजारों की संख्या में महात्मा गांधी स्कूल खोले हैं. अब इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए टीचर चाहिए. सरकार ने इनकी भर्ती के कई प्रयास किए. कई लोगों को बुलाया गया और कई लोगों के इंटरव्यू तक लिए गए. लेकिन, सरकार की इस पहल के बावजूद ज्यादा पद खाली ही रहे. इस बात ने सरकार की चिंता बढ़ा दी. खास बात ये है कि शहरी इलाकों में इन स्कूलों के लिए टीचर मिल रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों इस तरह के टीचर नहीं मिल रहे. इसलिए सरकार अब गेस्ट फेकल्टी के जरिये इन पदों को भरने की कोशिश करेगी.
विभाग ने रखी कड़ी शर्तें
बता दें, शिक्षा विभाग ने इन गेस्ट फेकल्टी की नियुक्ति के लिए कड़ी शर्तें रखी हैं. इन स्कूलों में केवल बेरोजगार पढ़ा सकेंगे, जिन्होंने इंग्लिश मीडियम से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. विभाग ने गणित और साइंस के हर सब्जेक्ट के लिए अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई की शर्त रखी है. इन विषयों के अलावा लेब असिस्टेंट, लाइब्रेरियन और फिजिकल टीचर भी अंग्रेजी माध्यम में पास होना जरूरी है. सरकार के आदेश के मुताबिक, बेरोजगारों की ये नियुक्ति अस्थायी होगी और उन्हें स्कूल स्तर पर ही ये नियुक्ति दी जाएगी. स्कूल प्रिंसिपल और दो सीनियर टीचर्स की कमेटी इन टीचर का चयन करेगी. अगर संबंधित स्कूल में सीनियर टीचर नहीं होंगे तो सीबीईओ के माध्यम से दो टीचर कमेटी में शामिल किए जाएंगे.












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