सीवर सिस्टम से जुड़ेंगी अनधिकृत कॉलोनियां और गांव: मनीष सिसोदिया
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार वर्ष 2025 तक यमुना की सफाई पूरी करने, हर घर को 24 घंटे नल से साफ पानी देने और सभी अनधिकृत कॉलोनियों व गांवों के घरों को सीवर लाइन से जोड़ने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इस कड़ी में सरकार विभिन्न काॅलोनियों में निशुल्क सीवर कनेक्शन दे रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को दिल्ली जल बोर्ड को विभिन्न इलाकों में घरों में मुफ्त सीवर कनेक्शन मुहैया कराने, पुरानी पाइप लाइन को बदलकर नई लगाने, झीलों से ग्राउंड वाटर रिचार्ज कराने व एसटीपी की क्षमता बढ़ाने आदि की कई परियोजनाओं को मंजूरी दी।

इस मौके पर सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार संत नगर, सिंघू, शाहबाद, प्रधान एन्क्लेव और कुरेनी को घरेलू सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए चैंबर का निर्माण करेगी। इन इलाकों में 64 कॉलोनियों समेत 10 गांवों में घरेलू सीवर कनेक्शन जोड़े जाएंगे। इसी तरह करावल नगर और मुस्तफाबाद निर्वाचन क्षेत्रों के हिस्से में बोर्ड पहले से बिछाई गई घरेलू सर्विस कनेक्शन पाइप को इलाके के अलग-अलग घरों के कनेक्शन से जोड़ा जाएगा।
इसमें चंदू नगर, मूंगा नगर, राजीव गांधी नगर (न्यू मुस्तफाबाद), नेहरू विहार, पुराना मुस्तफाबाद गली नंबर-1 से 9, मुस्तफाबाद एक्सटेंशन गली नंबर-10 से 27, दयालपुर एक्सटेंशन ए, बी, डी, ई, एफ ब्लॉक और आसपास के क्षेत्र (नया चौहानपुर गांव), खजूरी खास गांव एलओपी और खजूरी खास ए-डी ब्लॉक, खजूरी खास एक्सटेंशन ई ब्लॉक, खजूरी खास एक्सटेंशन ई ब्लॉक (एलओपी), खजूरी खास एफ-ब्लॉक और चांद बाग आदि शामिल है।
अलीपुर गेस्ट हाउस से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर तक पुरानी पाइपलाइन बदली जाएगी : सिसोदिया ने बताया कि अलीपुर गेस्ट हाउस से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर (यूजीआर) तक पुरानी पीएससी पाइप लाइन को नई एमएस पाइप लाइन से बदला जाएगा। इससे पानी की बर्बादी से बचा जा सकेगा और पल्ला से भूजल से ज्यादा से ज्यादा पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। वर्तमान में पीएससी पाइप लाइन से अलीपुर गेस्ट हाउस से संजय गांधी ट्रांसपाेर्ट नगर यूजीआर में पानी की सप्लाई हो रही है।
बढ़ेगी एसटीपी की क्षमता
सिसोदिया ने बताया कि केशोपुर फेज-एक एसटीपी की क्षमता 12 एमजीडी से बढ़ाकर 18 एमजीडी की जाएगी। सरकार दिल्ली के विभिन्न वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें अपग्रेड कर रही है, जिससे गंदे पानी को उपचारित किया जा सकेगा और यमुना साफ होगी। कई एसटीपी टीएसएस-10 मिलीग्राम प्रति लीटर के अपशिष्ट प्रवाह मानकों के साथ नवीनतम तकनीक से बनाए गए हैं, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस हटाने के साथ-साथ कीट भी मारे जा सकते हैं।
रोहिणी झील नंबर-1 की मौजूदा क्षमता में की जाएगी बढ़ोतरी
रोहिणी के सेक्टर-25 में झील नंबर-1 के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस झील की गहराई मौजूदा जमीनी स्तर से केवल 1.5 मीटर नीचे है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निरीक्षण के दौरान झील की अपर्याप्त क्षमता को देखते हुए इसे बढ़ाने का सुझाव दिया था। ऐसे में अब इस झील को मौजूदा जमीनी स्तर से करीब 6 मीटर नीचे गहरा किया जाएगा। सिसोदिया ने बताया कि केजरीवाल सरकार दिल्ली को 'झीलों का शहर' बनाने के सपने को साकार करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में दिल्ली जल बोर्ड ने भूजल को रिचार्ज करने के लिए दिल्ली में विभिन्न कृत्रिम झीलें तैयार की हैं।












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