टीआरएस- बीजेपी में गठबंधन की कोई संभावना नहीं, केटीआर ने BJP के दावों का किया खंडन
तेलंगाना सरकार में मंत्री व बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामराव ने तेलंगाना में वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के एक दावे खंडन किया है। बीआरएस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठा दावा कर रहे थे कि बीआरएस ने बीजेपी के साथ गठबंधन का प्रयास किया था।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष व तेलंगाना के उद्योग मंत्री केटीआर ने कहा कि जीवीएल नरसिम्हा राव और पुरंदेश्वरी के वीडियो और मिडिया रिपोर्ट्स से ये साबित होता है की बीजेपी तेलंगाना में हमेशा बीआरएस के साथ समर्थन करने के प्रयास में लगी रही, लेकिन बीआरएस ने कभी गठबंधन का मौका नहीं दिया।

केटीआर ने कहा कि कभी भी बीआरएस ने बीजेपी के साथ गठबंधन की कोशिश नहीं की। जबकि विपक्षी दल लगातार तेलंगाना में पैठ बनाने के लिए बीआरएस के साथ गठबंधन की कोशिश करते रहे। केटीआर ने दावा किया बीआरएस ने 2018 में लक्ष्मण के प्रस्ताव को बीआरएस ने खारिज कर दिया था।
टीआरएस के साथ गठबंधन को लेकर पीएम मोदी के बयान पर तेलंगाना के उद्योग मंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जीएचएमसी चुनावों में बीआरएस को भाजपा के समर्थन की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा, "2018 में विधानसभा चुनावों के बाद तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लक्ष्मण, भाजपा के राष्ट्रीय नेता जीवीएल नरसिम्हा राव और डी पुरंदेश्वरी सहित कई भाजपा नेताओं ने सार्वजनिक रूप टीआरएस का समर्थन करने की भाजपा की इच्छा व्यक्त की थी तब टीआरएस बहुमत में थी। वहीं वहीं 2020 के जीएचएमसी चुनावों में भी टीआरएस को भाजपा के समर्थन की कोई आवश्यकता नहीं थी।
तेलंगाना सरकार में मंत्री व बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामराव ने तेलंगाना में वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के एक दावे खंडन किया है। बीआरएस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठा दावा कर रहे थे कि बीआरएस ने बीजेपी के साथ गठबंधन का प्रयास किया था।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष व तेलंगाना के उद्योग मंत्री केटीआर ने कहा कि जीवीएल नरसिम्हा राव और पुरंदेश्वरी के वीडियो और मिडिया रिपोर्ट्स से ये साबित होता है की बीजेपी तेलंगाना में हमेशा बीआरएस के साथ समर्थन करने के प्रयास में लगी रही, लेकिन बीआरएस ने कभी गठबंधन का मौका नहीं दिया।
केटीआर ने कहा कि कभी भी बीआरएस ने बीजेपी के साथ गठबंधन की कोशिश नहीं की। जबकि विपक्षी दल लगातार तेलंगाना में पैठ बनाने के लिए बीआरएस के साथ गठबंधन की कोशिश करते रहे। केटीआर ने दावा किया बीआरएस ने 2018 में लक्ष्मण के प्रस्ताव को बीआरएस ने खारिज कर दिया था।
टीआरएस के साथ गठबंधन को लेकर पीएम मोदी के बयान पर तेलंगाना के उद्योग मंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जीएचएमसी चुनावों में बीआरएस को भाजपा के समर्थन की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा, "2018 में विधानसभा चुनावों के बाद तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लक्ष्मण, भाजपा के राष्ट्रीय नेता जीवीएल नरसिम्हा राव और डी पुरंदेश्वरी सहित कई भाजपा नेताओं ने सार्वजनिक रूप टीआरएस का समर्थन करने की भाजपा की इच्छा व्यक्त की थी तब टीआरएस बहुमत में थी। वहीं वहीं 2020 के जीएचएमसी चुनावों में भी टीआरएस को भाजपा के समर्थन की कोई आवश्यकता नहीं थी।












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