झारखंड में बनेंगे एक लाख कुएं, सीएम हेमंत सोरेन ने चेताया-कागज पर नहीं, धरातल पर हो कुएं का निर्माण
Hemant Soren News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि बिरसा सिंचाई कूप योजना के तहत कुआं धरातल पर दिखना चाहिए, कागजी खेल नहीं होना चाहिए। ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही ठीक नहीं। बता दें कि राज्य सरकार एवं मनरेगा के अभिसरण से बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना के तहत कुल एक लाख कूपों का निर्माण विभिन्न चरणों में होना है।
लेकिन, अबतक जो कार्य प्रगति है, उसे देखकर सीएम खुश नहीं हैं। उन्होंने जल्द से जल्द योजना का लाभ ग्रामीणों को देने का आदेश दिया है। बता दें कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस योजना का शुभारंभ किया गया है, ताकि जल संरक्षण को बल मिल सके और वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति लोगों में जागरुकता आए।

अब तक 16936 कुओं की मिल चुकी है स्वीकृति: प्रथम चरण में अबतक 16936 कुआं की स्वीकृति मिल चुकी है। 3822 कुआं का निर्माण जारी है। सबसे अधिक गिरिडीह में 8386, रांची में 7314, पलामू के 6460, हजारीबाग में 5973, पश्चिमी सिंहभूम में 5212, दुमका में 5022, बोकारो के 4876, देवघर में 4729, गोड्डा में 4608, पूर्वी सिंहभूम में 4291, साहिबगंज में 3949, गुमला में 3876, धनबाद में 3901, चतरा में 3706, पाकुड़ में 3120, जामताड़ा में 2877, लातेहार में 2804, कोडरमा में 2560, रामगढ़ में 2438, सिमडेगा में 2292 और लोहरदगा में 1606 कुआं निर्माण लक्ष्य 15 नवंबर 2024 तक रखा गया है।
योजना के प्रथम चरण में 30 हजार कुएं बनेंगे
योजना के तहत प्रथम चरण में 30 हजार और द्वितीय चरण में 70 हजार कूप का निर्माण किया जाना है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 50 हजार और 15 नवंबर 2024 तक शेष 50 हजार कूप का निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। योजना में बिरसा हरित ग्राम, कृषि कार्य से संबंधित लाभुक, बाबा साहेब डॉ आंबेडकर आवास योजना के लाभार्थी को प्राथमिकता देने की योजना है। साथ ही, निर्मित कुओं की स्थिरता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए कुआं के आसपास जल संचयन और जल एवं मृदा संरक्षण के कार्य बड़े पैमाने पर करने का निर्देश है।












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