Assam CM Oath Ceremony: हिमंता बिस्वा सरमा ने ली असम के CM पद की शपथ, PM मोदी समेत ये दिग्गज रहे मौजूद
Himanta Biswa Sarma Oath Taking Ceremony: असम की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया। बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्वोत्तर के 'चाणक्य' कहे जाने वाले हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ चार मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई।इसके साथ ही हिमंता असम के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं जो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं।
गुवाहाटी के बाहरी इलाके में आयोजित हो रहे इस भव्य समारोह को एनडीए गठबंधन अपनी राजनीतिक ताकत और निरंतरता के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है।

हिमंता बिस्वा सरमा इस शपथ ग्रहण के साथ ही असम के इतिहास में लगातार दो कार्यकाल सेवा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन जाएंगे। यह बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की राज्य में लगातार तीसरी सरकार है। 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पहली बार सत्ता में आने के बाद से बीजेपी ने राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ को बेहद मजबूत कर लिया है।
गुवाहाटी के खानापारा में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम किसी उत्सव से कम नहीं है। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य सुबह 11.40 बजे सरमा और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
BJP की प्रचंड बहुमत के साथ वापसी
हाल ही में संपन्न हुए असम विधानसभा चुनावों में एनडीए ने 126 सदस्यीय सदन में 102 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है। बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीतकर पहली बार अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार किया है। गठबंधन के सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 10-10 सीटें जीती हैं, जो गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है।
कौन-कौन लेंगे मंत्री पद की शपथ
सर्मा के साथ चार अन्य वरिष्ठ नेता भी मंत्री पद की शपथ लेंगे। इनमें बीजेपी के रामेश्वर तेली और अजंता नेओग, एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा और बीपीएफ विधायक चरण बोरो शामिल हैं। इसके साथ ही, वरिष्ठ भाजपा विधायक रंजीत कुमार दास को असम विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
असम में क्या है सरकार का एजेंडा?
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार 'जाति, माटी और भेटी' (पहचान, भूमि और आधार) के सिद्धांत पर अडिग रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि असम की जमीन और भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ समय में 5 लाख बीघा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। शपथ ग्रहण के बाद सरकार के पहले 100 दिनों की प्राथमिकताओं का रोडमैप भी जारी किया जा सकता है।
विपक्ष ने किया बहिष्कार
जहां एक ओर एनडीए इस दिन को जीत के जश्न के रूप में मना रहा है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि एक संवैधानिक कार्यक्रम को "चुनावी रैली और खर्चीले राजनीतिक तमाशे" में बदला जा रहा है। दूसरी ओर, सुरक्षा के लिहाज से गुवाहाटी को किले में तब्दील कर दिया गया है। एसपीजी, एनएसजी और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई है।















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