कृष्णा नदी के पानी में अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा तेलंगाना: हरीश राव
हरीश राव ने कहा, 'अभी तक केंद्र ने कृष्णा नदी के मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की है। हम फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाने से नहीं हिचकिचाएंगे क्योंकि नदी के पानी के हिस्से को लेकर हमारी अपनी चिंताएं हैं।'

तेलंगाना सरकार कृष्णा नदी के पानी में अपने उचित हिस्से के लिए लड़ेगी और यहां तक कि इस मुद्दे को हल करने में केंद्र के ढीले रवैये पर न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। हालांकि राज्य ने पहले इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन केंद्र द्वारा इसे हल करने का आश्वासन देने के बाद उसने याचिका वापस ले ली। ये बातें तेलंगाना के वित्त मंत्री टी हरीश राव ने कहीं।
हरीश राव ने कहा, 'अभी तक केंद्र ने कृष्णा नदी के मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की है। हम फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाने से नहीं हिचकिचाएंगे क्योंकि नदी के पानी के हिस्से को लेकर हमारी अपनी चिंताएं हैं।'
हरीश राव ने अपनी योजनाओं का अनुकरण करने और विभिन्न क्षेत्रों में राज्य के प्रदर्शन के लिए पुरस्कार हासिल करने के बावजूद धन के आवंटन को लेकर तेलंगाना के प्रति भेदभाव पर केंद्र के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने भाजपा विधायकों की इस टिप्पणी को खारिज कर दिया कि राज्य के बजट अनुमानों में अत्यधिक अनुमान शामिल हैं।
हरीश राव ने कहा, 'वित्त आयोग और नीति आयोग जैसे शीर्ष निकायों की सिफारिशों, संसद द्वारा बनाए गए कानूनों और यहां तक कि अपने चुनावी वादों का भी सम्मान करने को केंद्र सरकार तैयार नहीं है। अगर बकाया राशि समय पर जारी होती, तो तेलंगाना का तेजी से विकास होता। भाजपा के विधायक भी अगर तेलंगाना के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं तो केंद्र सरकार को इस संबंध में समझाएं।'












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