तेलंगाना: 'हम कैंडिडेट ही नहीं तो कार्ड छपवाने में पैसा क्यों लगाएं', 6 गारंटी के प्रचार से दूर भागे कांग्रेसी
तेलंगाना विधासभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हाल ही में लोगों को 6 गांरटी दी है। अब इसके लिए पार्टी ने एक टीम बनाई है। टीम राज्य के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की "छह गारंटी" को घरों तक पहुंचाने के अभियान का आकलन कर रही है। पिछले सप्ताह से टीम इस बारे में प्रतिक्रिया मांग रही है कि ये गारंटी किस हद तक जमीनी स्तर तक पहुंची है।
आश्चर्य की बात है कि बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं ने अभी तक अभियान शुरू नहीं किया है। ना ही इसके लिए प्रचार किया है। इससे तेलंगाना में चुनाव अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गये हैं।

कांग्रेस द्वारा भेजी गई टीम ने व्यापक प्रचार के माध्यम से इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करने में कुछ नेताओं की विफलता पर निराशा व्यक्त की है। इसको लेकर आलाकमान को भी जानकारी दी गई है।
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कुछ ही विधायकों ने शुरू किया प्रचार
उन्होंने बताया कि केवल कुछ नेता, जिनमें एक सांसद और कुछ विधायक शामिल हैं। ग्रामीण स्तर पर छह गारंटी कार्ड सक्रिय रूप से वितरित कर रहे हैं। उम्मीदवारी को अंतिम रूप देने में देरी के कारण अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार प्रयासों में और बाधा आई है।
कांग्रेस के भीतर छिड़ गई नई चर्चा
कांग्रेस के लिए चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ उम्मीदवारों ने सवाल किया है कि जब वे उम्मीदवार ही नहीं हैं तो उन्हें कार्ड छापने और वितरित करने में अपना पैसा और समय क्यों लगाना चाहिए। उम्मीदवारों को अपने खर्च पर कार्ड छापने के पार्टी नेतृत्व के कथित निर्देश ने पार्टी के भीतर बड़ी चर्चा छेड़ दी है।
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