चावल फोर्टिफिकेशन मानदंडों को पूरा करने के लिए तैयार है तेलंगाना, 2760 मिलों में स्थापित है बुनियादी ढांचा
तेलंगाना राज्य भारतीय खाद्य निगम के निर्देशों के अनुसार चावल फोर्टिफिकेशन मानदंडों को पूरा करने के लिए पूरी से तैयार है। राज्य के नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों के अनुसार कुल 2760 मिलों में बड़े ही कम समय में फोर्टिफाइल चावल की आपूर्ति के लिए सम्मिश्रण बुनियादी ढांचा स्थापित किया है।

इसके साथ ही सरकारी आदेश में कहा गया है कि कोई मिलर अनुकूलित मिलिंग चावल (सीएमआर) वितरण प्रक्रिया में अगर हिस्सा लेने का इच्छुक है तो उसे मिश्रण मशीनरी लगाना जरूरी होगा। ऐसा ही पूरे देश में हो रहा है जिसका उद्देश्य एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जैसे मुद्दों का समाधान करना है।
बता दें केंद्र के इस प्रोजेक्ट के तहत चावल का फोर्टिफिकेशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत इसका वितरण 2019-2020 से शुरू किया गया था। इसे 2024 तक पूरे देश में केंद्र की प्रत्येक सामाजिक सुरक्षा नेट योजना तक विस्तारित किया जाएगा।
जानें क्या है चावल फोर्टिफिकेशन ?
फोर्टिफिकेशन चावल के मायने है पोषणयुक्त चावल इसमें सामान्य चावल में 1:100 के अनुपात में एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित सूक्ष्म पोषक तत्व आयरन, फॉलिक एसिड, विटामिन बी 12 मिलाया जाता है। ये कुपोषण दूर करने के लिए सरकार इसे मिड-डे-मील और राशन आदि में बंटवा रही है।












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