दिव्यांगों को देश में सबसे अधिक मासिक पेंशन देता है तेलंगाना, देखिए आंकड़े
दिव्यांग व्यक्तियों को मासिक पेंशन देने में तेलंगाना अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श बन रहा है। तेलंगाना की के.चंद्रशेखर राव की सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राज्य की मासिक पेंशन को हाल ही में बढ़ाया था। जिसके बाद दिव्यांग व्यक्तियों को मासिक पेंशन देने में देश में तेलंगाना सबसे आगे है।
मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने दिव्यांग व्यक्तियों की मासिक पेंशन को 3,016 रुपये से बढ़ाकर 4,016 रुपये कर दिया है। ये पेंशन आसरा योजना के तहत बढ़ाई गई है। जो जुलाई महीने से ही प्रभावी होगी।

केसीआर सरकार का यह कदम सभी वर्गों के कल्याण को सुनिश्चित करने में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। राज्य में इससे 5,11,656 दिव्यांग व्यक्ति लाभान्वित होंगे। इससे राज्य के खजाने पर हर महीने 205.48 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
तेलंगाना के गठन से पहले, केवल 3.57 लाख दिव्यांगों को 17 करोड़ रुपये की कुल लागत पर 500 रुपये की पेंशन मिल रही थी। राज्य गठन के बाद मासिक पेंशन लगातार 500-500 रुपये करके बढ़ाया गया है और से बढ़ाकर 4016 रुपये कर दी गई है। अक्टूबर 2014 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और जून 2019 में इसे बढ़ाकर 3,016 रुपये कर दिया गया। जुलाई 2023 में यह बढ़कर 4016 रुपये हो गया।
दिलचस्प बात यह है कि जब तेलंगाना की तुलना में भाजपा शासित राज्यों सहित अन्य राज्य मामूली मासिक पेंशन प्रदान करते हैं। आइए देखें बाकी राज्यों के आंकड़ें
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राज्यवार मासिक पेंशन (रुपये में)
• कर्नाटक: 1,100
• गुजरात: 1250
• राजस्थान: 750
• छत्तीसगढ़: 500
• उत्तर प्रदेश: 1,000
• महाराष्ट्र: 300
• मध्य प्रदेश: 300
• आंध्र प्रदेश: 3,000
• बिहार: 500
• ओडिशा: 200
• तमिलनाडु: 1,000
• केरल: 1,300












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