तेलंगाना सरकार बढ़ाएगी पाम ऑयल उत्पादन, 20 लाख एकड़ होगा कृषि क्षेत्र: सी पार्थ सारथी
तेलंगाना में कृषि और बागवानी को बढ़ाना देने पर बीआरएस सरकार फोकस कर रही है। प्रदेश सरकार अब पॉम की खेती के क्षेत्र को बढ़ाने जा रही है। राज्य चुनाव आयुक्त सी पार्थ सारथी ने कहा कि 2028 तक लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सरकार किसानों को विभिन्न प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने बताया कि 2014 में केवल 45,000 एकड़ में ऑयल पाम की फसल की खेती की गई थी लेकिन अब राज्य सरकार राज्य भर में 14 ऑयल पाम उद्योग स्थापित कर रही है। ऐसे में पॉम के कृषि क्षेत्र में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है।
राज्य चुनाव आयुक्त सी पार्थ सारथी इस हफ्ते गुरुवार को सिद्दीपेट के मुलुगु में श्री कोंडा लक्ष्मण बापूजी तेलंगाना राज्य बागवानी विश्वविद्यालय में पाम तेल की खेती पर दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने राज्य में पॉम कि कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यशाला के दूसरे दिन संबोधित करते हुए पूर्व कृषि सचिव रहे चुनाव आयुक्त सी पार्थ सारथी ने कहा कि राज्य सरकार पॉम के कृषि क्षेत्र बढ़ाने की योजना बना रही है। अगले पांच वर्षों में ऑयल पाम की खेती दो लाख एकड़ से बढ़कर 20 लाख एकड़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले 2014 में केवल 45,000 एकड़ में ऑयल पाम की फसल की खेती की गई थी।
तेलंगाना सरकार ने पॉम की कृषि को लेकर अपने लक्ष्य को वर्ष 2028 तक पूरा करेगी। इसके लिए पॉम खेती कर रहे किसानों को को विभिन्न तरह के प्रोत्साहन देने की योजना सरकार की ओर शुरू की जा रही है।
वहीं धान की खेती में इस बार रिकॉर्ड 65 एकड़ धान की रोपाई हुई है। तेलंगाना के कृषि मंत्री सिंगीरेड्डी निरंजन रेड्डी ने कहा की ये अपने आप में राज्य के लिए ये एक रिकॉर्ड है। पिछले दिनों हुए सचिवालय के सम्मेलन में उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे कृषि मंत्री ने राज्य की मानसून फसलों, रबी फसलों की तैयारियां, ऋण माफी का कार्यान्वयन और ताड़ के तेल की खेती को बढ़ावा देने की योनाओं पर विस्तृत चर्च भी की। मंत्री ने धान की खेती में उल्लेखनीय वृद्धि पर जोर दिया।
कृषि मंत्री ने कहा कि अकेले नगर कुरनूल जिले ने इस मानसून के मौसम के दौरान अतिरिक्त 24,000 एकड़ का योगदान दिया। इसके अलावा, सिद्दीपेट, संगारेड्डी, निर्मल, निज़ामाबाद, कामारेड्डी, यदाद्री भुवनगिरी, नारायणपेट, महबूबनगर, वानापर्थी और रंगारेड्डी सहित जिलों ने उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति के साथ-साथ धान की खेती में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।












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