गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर तेलंगाना सरकार का बड़ा फैसला
पिछले कुछ दिनों के दौरान ही, करीब आठ विधेयकों को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और राज्यपाल तमिलिसाई साउंडराजन के बीच गतिरोध देखने को मिला है।

तेलंगाना अब देश का ऐसा पहला राज्य हो सकता है, जहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों की संयुक्त मौजूदगी में आधिकारिक तौर पर गणतंत्र दिवस समारोह नहीं मनाया जाएगा। आपको बता दें कि तेलंगाना के सीएम केसीआर और राजभवन के बीच हाल ही में टकराव की खबरें आईं थी। राज्य सरकार ने राजभवन को सूचित कर दिया है कि वो स्वतंत्र तौर से गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित कर सकती है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान ही, करीब आठ विधेयकों को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और राज्यपाल तमिलिसाई साउंडराजन के बीच गतिरोध देखने को मिला है। सूत्रों की मानें तो तेलंगाना सरकार के पत्र में राजभवन को गणतंत्र दिवस समारोह की अलग मेजबानी का कोई कारण नहीं बताया गया है।
साल 2022 में राज्य सरकार ने राजभवन को बताया कि कोरोना वायरस महामारी के चरम पर होने की वजह से परेड ग्राउंड में सार्वजनिक कार्यक्रम संभव नहीं है, जिसके बाद राज्यपाल ने राजभवन में तिरंगा फहराया। प्रोटोकॉल के मुताबिक, सरकार भाषण की एक प्रति राज्यपाल को भेजती है, जिसके बाद परेड ग्राउंड में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में वो तिरंगा फहराते हैं और भाषण देते हैं।












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