Telangana देश के GDP में 72 फीसद अधिक योगदान कर रहा, संसद में सरकार ने दी जानकारी
Telangana देश की जीडीपी में पहले से अधिक योगदान दे रहा है। भारत की जीडीपी में तेलंगाना का योगदान 72 फीसद बढ़ा है। संसद के मानसून सत्र में राज्य मंत्री ने एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में ये जानकारी दी।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तेलंगाना का प्रति व्यक्ति योगदान पिछले छह वर्षों में 72 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है। हालांकि, इस अवधि के दौरान राज्य को केंद्र से मिलने वाला टैक्स अमाउंट कमोबेश वही रहा।

मंगलवार को सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास के एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि 2022-23 में तेलंगाना का प्रति व्यक्ति राज्य घरेलू उत्पाद 3,08,732 रुपये है।
जॉन ब्रिटास ने पिछले पांच वर्षों में राज्यों द्वारा सकल घरेलू उत्पाद में प्रति व्यक्ति योगदान का विवरण मांगा। केंद्रीय मंत्री ने कुछ सालों का आंकड़ा शेयर कर बताया कि किस तरह देश की जीडीपी में तेलंगाना का योगदान बढ़ा है।
मौजूदा कीमतों (आधार वर्ष 2011-12) पर तेलंगाना का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद के आंकड़ों पर एक नजर-
- 1,79,358 रुपये (2017-18)
- 2,09,848 रुपये (2018-19)
- 2,31,326 रुपये (2019-20)
- 2,25,687 रुपये (2020-21)
- 2,65,942 रुपये (2021-22)
- 3,08,732 रुपये (2022-23)
देश की जीडीपी में योगदान देने के मामले में तेलंगाना देश में नंबर एक पर रहा। सकल घरेलू उत्पाद में 3,01,673 रुपये के योगदान के साथ कर्नाटक दूसरे स्थान पर था। तीसरे नंबर पर 2,96,685 रुपये के साथ हरियाणा है।
जॉन ब्रिटास ने पिछले पांच वर्षों के दौरान केंद्र सरकार के खजाने में योगदान की तुलना में कम राजस्व हस्तांतरण वाले राज्यों का विवरण भी मांगा। मंत्री ने 15वें वित्त आयोग के फॉर्मूले के बारे में बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों की हिस्सेदारी की गणना करते समय विभिन्न कारकों को ध्यान में रखा गया। इसलिए, यह अनुमान लगाना सही नहीं कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों को अपनाने से विभाज्य पूल में कुछ राज्यों की हिस्सेदारी में बदलाव आया।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार के खजाने में योगदान किए गए राजस्व की राज्यवार जानकारी केंद्रीय स्तर पर नहीं रखी जाती है।" केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान तेलंगाना को दिया गया टैक्स का अमाउंट बढ़ा है।
- 18,560.88 करोड़ रुपये (2018-19)
- 15,987.59 करोड़ रुपये (2019-20)
- 12,691.62 करोड़ रुपये (2020-21)
- 18,720.54 करोड़ रुपये (2021-22)
- 19,668.15 करोड़ रुपये (2022-23)












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