Delhi LPG Price: दिल्ली में आज से कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े, क्या घरेलू गैस भी हुई महंगी? चेक करें ताजा रेट
Delhi commercial LPG Cylinder Price: 1 जून 2026 से राजधानी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक LPG सिलेंडर के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैटरिंग व्यवसाय और छोटे व्यापारियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
सरकार द्वारा जारी ताजा दरों के मुताबिक, होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दामों में भारी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹42 की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतें 1 जून से लागू हो गई हैं।

इसके साथ ही छोटे व्यावसायिक उपयोग वाले 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि, आम परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Delhi में कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में सोमवार, 1 जून की सुबह से ही नया रेट लागू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का खुदरा भाव (Retail Price) बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गया है, जो इससे पहले 3,071.50 रुपये था।
दिल्ली में नए रेट
- 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर: ₹3,113.50
- बढ़ोतरी: ₹42 प्रति सिलेंडर
इस बढ़ोतरी के बाद होटल और फूड बिजनेस से जुड़े कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
वहीं, कोलकाता में कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को और भी तगड़ा झटका लगा है। कोलकाता में इसी 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इस संशोधन के बाद अब कोलकाता में एक कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए व्यापारियों को 3,255.50 रुपये चुकाने होंगे। दामों में हुई इस अचानक वृद्धि से रेस्टोरेंट और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों का मासिक बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है।
छोटे कमर्शियल (5 किलो FTL) सिलेंडर भी हुए महंगे
दामों में बदलाव का असर केवल बड़े सिलेंडरों तक सीमित नहीं है। दिल्ली में रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस ताजा वृद्धि के बाद दिल्ली में अब 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की लागत बढ़कर 821.50 रुपये हो गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: रसोई गैस के दाम स्थिर
व्यावसायिक मोर्चे पर लगी इस महंगाई की आग के बीच देश के मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों के लिए राहत भरी खबर यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों (Domestic LPG Cylinder) की कीमतों को पूरी तरह स्थिर रखा गया है। तेल कंपनियों के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। दिल्ली में यह सिलेंडर अपने पुराने भाव यानी 913 रुपये पर ही उपलब्ध रहेगा। इसके चलते गृहणियों के रसोई बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
सरकार का क्या कहना है?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने 31 मई को कहा कि सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।उन्होंने कहा कि Strategic Reserves को मजबूत किया जा रहा है। ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।सरकार का दावा है कि वह वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार देश की ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने और देश भर में बिना किसी रुकावट के ईंधन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। संयुक्त सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संकट के समय में एलपीजी और अन्य ईंधनों की जमाखोरी (Hoarding) या कालाबाजारी करने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त कदम उठा रहा है और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाहर खाना-पीना हो सकता है महंगा
कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम में एक ही झटके में हुई 42 से 53 रुपये तक की यह बढ़ोतरी आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर परोक्ष (Indirect) असर डाल सकती है। चूंकि होटल, कैफे और ढाबों की इनपुट कॉस्ट (लागत) बढ़ गई है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बाहर खाना-पीना, चाय-नाश्ता और शादियों के कैटरिंग चार्ज महंगे हो सकते हैं।














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