तेलंगाना: चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने अपनाया कर्नाटक मॉडल, उम्मीदवारों का किया फेरबदल
तेलंगाना चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस कर्नाटक मॉडल को अपना रही है। इसको लेकर उन्होंने कई फेरबदल किए हैं। सर्वेक्षण रिपोर्टों पर आधारित और आगामी चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से कांग्रेस आलाकमान कई प्रमुख नेताओं को उनके वर्तमान निर्वाचन क्षेत्रों से उन स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है।
जहां मजबूत नेतृत्व की कमी की पहचान की गई थी। यह पार्टी के चुनाव रणनीतिकार, सुनील कनुगोलू की सिफारिशों पर आधारित है। जिन्होंने पहले इसी तरह की रणनीति बनाई थी, जिसकी परिणति कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान सबसे पुरानी पार्टी की जीत में हुई थी।

कनुगोलु की टीम के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि कांग्रेस को कई क्षेत्रों में कठिन लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है। इससे उबरने के लिए पार्टी कुछ वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में भेजने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, किचननगरी लक्ष्मा रेड्डी, जो मेडचल निर्वाचन क्षेत्र से टिकट चाह रहे हैं, उन्हें वर्तमान में तंदूर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है।
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इसी तरह जडचेरला निर्वाचन क्षेत्र के इच्छुक उम्मीदवार एर्रा शेखर को नारायणपेट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्निर्देशित किया जा सकता है। विश्लेषकों ने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद बीआरएस पर शासन करने के लिए विधायक पायलट रोहित रेड्डी के दलबदल के बाद पार्टी के लिए इस तरह के रणनीतिक स्थानांतरण की आवश्यकता अपरिहार्य हो गई, जिससे तंदूर विधानसभा क्षेत्र में नेतृत्व शून्य हो गया।
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