Mann ki Baat: 'पानी और सेहत का रखें ध्यान', झुलसाती गर्मी के बीच PM मोदी ने की खास अपील
Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (31 मई, 2026) को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देश भर में बढ़ते तापमान के मद्देनजर लोगों से हाइड्रेटेड रहने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से धूप में बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह किया है। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में उन्होंने सिर्फ गर्मी से बचाव की बात ही नहीं की, बल्कि समाज सेवा, जल संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'देश के कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और ऐसे समय में लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, घर से निकलते समय पानी साथ रखने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'वे केवल अपनी सुरक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि दूसरों की मदद के लिए भी आगे आएं। गर्मी के मौसम में राहगीरों को पानी उपलब्ध कराना, जरूरतमंदों की सहायता करना और सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था करना भारतीय समाज की पुरानी परंपरा रही है। इसी भावना को आगे बढ़ाने की जरूरत है।'
'भीषण गर्मी में रखें पशु-पक्षियों का भी ख्याल', पीएम मोदी की अपील
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पशु-पक्षियों का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि' भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि जानवरों और पक्षियों पर भी पड़ता है। ऐसे में घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखना एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह संदेश पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।'
'जल संचयन, जल स्रोतों पर भी लोग दें ध्यान'
'मन की बात' में जल संरक्षण एक प्रमुख विषय रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्मी के साथ-साथ पानी की कमी की चुनौती भी सामने आती है। उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की सफाई और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने विभिन्न राज्यों में चल रहे सामुदायिक प्रयासों और जल संरक्षण अभियानों का भी जिक्र किया, जिनके माध्यम से लोगों ने मिलकर जल संकट से निपटने का प्रयास किया है।
सामूहिक भागीदारी से बड़े बदलाव संभव-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण देखने को मिला है। अनेक गांवों और समुदायों ने वर्षा जल संग्रहण, तालाबों के पुनर्जीवन और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने ऐसे प्रयासों को देश के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि सामूहिक भागीदारी से बड़े बदलाव संभव हैं।
भारतीस संस्कृति का हिस्सा है आम:पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आम (मैंगो) का भी जिक्र किया और बताया कि यह फल भारतीय परिवारों और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आम से जुड़ी लोगों की भावनाओं और यादों का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय जीवनशैली का अहम हिस्सा बताया।'मन की बात' का 134वां एपिसोड ऐसे समय में प्रसारित हुआ है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी और जल संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और कई राज्यों में पारा 45 डिग्री से ऊपर चल रहा है।














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