Delhi Building Collapse: ग्राउंड पर उतरीं CM रेखा गुप्ता, 4 की मौत, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज
Delhi Building Collapse: दिल्ली के साकेत में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शनिवार शाम को हुए इस खौफनाक हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि दिल्ली में इस तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अवैध रूप से बनी इमारतों के मालिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

शनिवार 30 मई शाम 7:44 बजे जब दिल्ली फायर सर्विसेज को हादसे की पहली कॉल मिली, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मंजर इतना भयानक रूप ले लेगा। वेस्टर्न मार्ग पर स्थित इस पांच मंजिला इमारत के मलबे से अब तक बेहद चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर 4 हो गई है।
मलबे से निकाले गए 8 घायलों को तुरंत एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इनमें से 2 मरीजों की हालत गंभीर है और वे आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं, 3 मरीजों को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि 3 अन्य को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह पूरी इमारत मुख्य रूप से छात्रों के पीजी (PG), एक मेस और कोचिंग सेंटरों से भरी हुई थी, जिसकी वजह से यहां हमेशा युवाओं की भारी भीड़ रहती थी।
युद्धस्तर पर जारी है मेगा रेस्क्यू: मलबे के भीतर डॉक्टरों की टीम मौजूद
हादसे वाली जगह पर शनिवार रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन बिना रुके लगातार चल रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया को बताया कि मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।
बचाव कार्य को गति देने के लिए मलबे को हटाने का काम भारी-भरकम JCB मशीनों की मदद से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त रेस्क्यू फोर्स को भी मौके पर तैनात कर दिया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि मलबे के अंदर ही डॉक्टरों की एक विशेष टीम को भी भेजा गया है, ताकि फंसे हुए लोगों को तुरंत मेडिकल सपोर्ट दिया जा सके। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS), DDMA, MCD, सिविल डिफेंस और कैट्स एम्बुलेंस की टीमें आपस में बेहतर तालमेल के साथ जान बचाने के मिशन में जुटी हैं।
अवैध निर्माण करने वालों की अब खैर नहीं: सीएम रेखा गुप्ता की खुली चेतावनी
घटनास्थल का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और साफ शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक कहा: "यह हादसा बेहद दुखद है और हमारी प्राथमिकता हर नागरिक की जान बचाना है। लेकिन इसके साथ ही, इस तरह की जितनी भी अवैध इमारतें (Unauthorised Buildings) बनाई गई हैं, उनके खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, जिन सरकारी अधिकारियों की नाक के नीचे यह अवैध कंस्ट्रक्शन चल रहा था, उन्हें भी चिन्हित कर सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।"
सरकार के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में दिल्ली के छात्र बहुल इलाकों जैसे सैदुलअजाब और महरौली में चल रहे अवैध निर्माणों और पीजी (PG) संचालकों पर प्रशासन का बड़ा चाबुक चलने वाला है।












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