कोयला और ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण को लेकर भाजपा पर भड़के तेलंगाना के सीएम केसीआार
तेलंगाना के सीएम केसीआर ने कहा कि निजाम युग के दौरान स्थापित सिंगरेनी कोलियरीज तेलंगाना की अपनी है, आखिर उसका निजीकरण क्यों किया गया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने केंद्र की ओर से कोयला और ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। शुक्रवार देर रात राज्य के मंचेरियाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राव ने राज्य द्वारा संचालित सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी में 49 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) एक सरकारी कोयला खनन कंपनी है, जिसका स्वामित्व तेलंगाना सरकार और भारत सरकार के पास 51:49 इक्विटी के आधार पर संयुक्त रूप से है। उन्होंने कहा कि निजाम युग के दौरान स्थापित सिंगरेनी कोलियरीज तेलंगाना की अपनी है। उसका निजीकरण क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि सिंगरेनी कोलियरीज का कारोबार 2014 में 11,000 करोड़ रुपये था, लेकिन राज्य में हमारी सरकार आने से यह बढ़कर 33,000 करोड़ रुपये हो गया।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) एक सरकारी कोयला खनन कंपनी है, जिसका स्वामित्व तेलंगाना सरकार और भारत सरकार के पास 51:49 इक्विटी के आधार पर संयुक्त रूप से है। उन्होंने कहा कि निजाम युग के दौरान स्थापित सिंगरेनी कोलियरीज तेलंगाना की अपनी है। उसका निजीकरण क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि सिंगरेनी कोलियरीज का कारोबार 2014 में 11,000 करोड़ रुपये था, लेकिन राज्य में हमारी सरकार आने से यह बढ़कर 33,000 करोड़ रुपये हो गया।
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर ने कहा कि सिंगरेनी, पूर्वी कोलफील्ड्स, वेस्टर्न कोलफील्ड्स सभी को मिलाकर देश में 361 बिलियन टन कोयला पाया गया है और यह लोगों की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा, 'लेकिन, देश में क्या हो रहा है? जब देश में 361 बिलियन टन कोयले का भंडार है। तो केंद्र सरकार कहती है कि हम बिजली, कोयला खदानों का निजीकरण करेंगे और बिजली से संबंधित नौकरियों को बंद कर देंगे और सिंगरेनी को निजी लोगों को सौंप देंगे। यह घटिया नीति क्या है? देश में क्या हो रहा है?'












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