विजयवाड़ा: नहीं मिली धरने की इजाजत तो पानी की टंकी पर चढ़ गए तेदेपा कार्यकर्ता
विजयवाड़ा, 28 जुलाई: मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के दलित गर्जना धरने के दौरान मंगलवार (26 जुलाई) को यहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जब पुलिस ने विरोध प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी तो तेदेपा के कुछ नेता धरना चौक के पास पानी की टंकी पर चढ़ गए।

बता दें कि दलितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की मांग को लेकर तेदेपा के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। एससी सेल के अध्यक्ष एम एस राजू के नेतृत्व में टीडीपी नेताओं का एक समूह अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ गया।
पुलिस ने तेदेपा नेताओं को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया है। तेदेपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने धरने के लिए अनुमति देने के बाद अनुमति वापस ले ली। उन्होंने वाईएसआरसीपी सरकार को 'दलित विरोधी' करार दिया। धरने के मद्देनजर तेदेपा के कई नेताओं को पुलिस ने सुबह तड़के नजरबंद कर दिया।
प्रदर्शनकारियों को धरना चौक पर इकट्ठा होने से रोकने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड्स लगा दिए। पूर्व मंत्री दिवेनेनी उमा, वरला रमैया, बुद्ध वेंकन्ना, जी. राममोहन राव और अशोक बाबू नजरबंद नेताओं में शामिल थे।
इस बीच, टीडीपी पोलित ब्यूरो के सदस्य और पूर्व मंत्री नक्का आनंद बाबू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दलितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन उपलब्ध नहीं करा रही है। जब वह विजयवाड़ा के धरना चौक पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
आनंद बाबू की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई, जिन्होंने उन्हें रोका। उन्होंने पुलिस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई।












Click it and Unblock the Notifications