1 सेकंड में 1.5 लाख बुकिंग! IRCTC से ज्यादा एडवांस और फास्ट है नया RailOne ऐप? क्या हैं इसके फीचर्स?

RailOne vs IRCTC: भारतीय रेलवे लगातार अपनी डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में साल 2025 में रेलवे ने यात्रियों के लिए एक नई ऐप RailOne लॉन्च की, जिसे रेलवे की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई CRIS ने विकसित किया है। अब तक यात्रियों को टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी, PNR स्टेटस और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाओं के लिए अलग-अलग ऐप का इस्तेमाल करना पड़ता था।

RailOne के आने के बाद रेलवे इन सभी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में कई यात्रियों के मन में सवाल है कि क्या RailOne, IRCTC की जगह लेने वाली है या फिर दोनों की भूमिका अलग-अलग रहेगी। आइए समझते हैं कि नई RailOne ऐप और IRCTC के बीच क्या अंतर है और रेलवे भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

RailOne vs IRCTC

क्या है RailOne ऐप?

RailOne भारतीय रेलवे की नई एकीकृत मोबाइल ऐप है, जिसे 1 जुलाई 2025 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य रेलवे की विभिन्न डिजिटल सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है। इस ऐप के जरिए यात्री आरक्षित टिकट बुकिंग, अनारक्षित टिकट, ट्रेन की लाइव जानकारी, PNR स्टेटस, यात्रा योजना, Rail Madad सेवाएं और ट्रेन में भोजन ऑर्डर करने जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।

RailOne की जरूरत क्यों पड़ी?

अब तक रेलवे यात्रियों को अलग-अलग कामों के लिए अलग ऐप इस्तेमाल करनी पड़ती थी। उदाहरण के लिए आरक्षित टिकट के लिए IRCTC Rail Connect, अनारक्षित टिकट के लिए UTS और ट्रेन की जानकारी के लिए NTES जैसी सेवाएं मौजूद थीं।

RailOne इन सभी सेवाओं को एक जगह लाकर यात्रियों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश करता है। इससे अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने और उनके बीच बार-बार स्विच करने की जरूरत कम हो जाती है।

क्या RailOne ने IRCTC को रिप्लेस कर दिया है?

फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है। RailOne एक नया इंटरफेस जरूर प्रदान करता है, लेकिन आरक्षित टिकट बुकिंग की मूल व्यवस्था अब भी IRCTC के सिस्टम के जरिए ही संचालित होती है।

जब कोई यात्री RailOne पर रिजर्वेशन करता है, तो बुकिंग प्रक्रिया IRCTC के टिकटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से होकर गुजरती है। इसके साथ ही यात्रियों को वही सुविधा शुल्क भी देना पड़ता है जो पहले IRCTC पर लागू था। यानी टिकटिंग के बैकएंड संचालन में IRCTC की भूमिका अभी भी बनी हुई है।

स्पीड और परफॉर्मेंस में किसे फायदा?

RailOne की सबसे बड़ी ताकत इसकी आधुनिक तकनीकी क्षमता मानी जा रही है। रेलवे के नए रिजर्वेशन सिस्टम को इस तरह तैयार किया गया है कि यह एक सेकंड में लगभग 1.5 लाख बुकिंग और प्रति मिनट 40 लाख तक की क्वेरी संभाल सकता है।

यही वजह है कि ज्यादा ट्रैफिक वाले समय, खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान, RailOne को बेहतर प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है।

भविष्य में RailOne में क्या-क्या जुड़ सकता है?

रेलवे RailOne को केवल टिकट बुकिंग ऐप तक सीमित नहीं रखना चाहता। भविष्य की योजनाओं में इसे एक बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की तैयारी है। आने वाले समय में इसमें मैसेजिंग सेवाएं, सोशल मीडिया फीचर्स, ई-कॉमर्स सुविधाएं और भुगतान गेटवे जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इससे RailOne रेलवे यात्रियों के लिए एक व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम का रूप ले सकता है।

यात्रियों के लिए क्या बदला?

जो यात्री केवल रिजर्व टिकट बुकिंग के लिए ऐप का उपयोग करते हैं, उनके लिए IRCTC अभी भी पूरी तरह कार्यरत है। हालांकि रेलवे की नई डिजिटल रणनीति को देखते हुए RailOne को भविष्य के प्रमुख प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जा रहा है, जहां रेलवे से जुड़ी अधिकांश सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

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