Twisha Sharma Death: 80 किलो की डमी के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन-समर्थ भी साथ, CBI तलाश रही इन 5 सवालों के जवाब
Twisha Sharma Death Case Recreation: भोपाल में 12 मई 2026 की रात को हुई 33 वर्षीय पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब सीबीआई कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। शादी के महज पांच महीने बाद कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे पर लटकी हालत में मिली ट्विशा की मौत को लेकर परिवार आत्महत्या नहीं, बल्कि दहेज उत्पीड़न और संभावित हत्या का आरोप लगा रहा है। वहीं पति समर्थ सिंह और सास (रिटायर्ड जज) गिरिबाला सिंह आत्महत्या का दावा कर रहे हैं।
सीबीआई ने केस हैंडओवर लेने के बाद जांच को नई दिशा दी है। 1 जून 2026 को CBI टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची, जहां 80 किलो की डमी के साथ पूरा क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया। समर्थ सिंह को भी मौके पर लाया गया। यह रीक्रिएशन ट्विशा को फंदे से उतारने, घटना के क्रम और सबूतों की पुष्टि के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

Twisha Sharma Death Case News Update: शादी से मौत तक का सफर
ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं। दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से उनकी शादी हुई। परिवार के मुताबिक, शादी के बाद दहेज को लेकर तनाव शुरू हो गया। 12 मई 2026 को रात करीब 10:26 बजे ट्विशा को घर की छत पर जिम्नास्टिक रिंग की रस्सी से लटकी हालत में पाया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रात में मौत हो गई।
Twisha Sharma Death Case Postmortem Report: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- मौत का कारण: फंदे पर लटकने से पहले मौत (Antemortem hanging by ligature)।
- शरीर पर कई मौत से पहले के चोट के निशान (ante-mortem blunt force injuries) - गर्दन, बाजू, कलाई आदि पर।
- गर्भावस्था: MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) करीब एक हफ्ते पहले कराया गया था, गर्भाशय में बचा हुआ ऊतक(Retained Tissue) मिला।
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें गर्भपात के लिए मजबूर किया गया, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न हुआ। समर्थ पक्ष का दावा है कि गर्भपात के बाद ट्विशा डिप्रेशन में चली गईं और उन्होंने आत्महत्या की।
Twisha Sharma Death Case CBI Investigation: सीबीआई की एंट्री और गिरफ्तारियां
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद CBI ने 25-26 मई को केस अपने हाथ में लिया। FIR में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह पर BNS की धाराएं (दहेज, क्रूरता आदि) लगाई गईं।
- समर्थ सिंह: FIR के बाद करीब 10 दिन फरार रहा। जबलपुर में सरेंडर किया, अब CBI कस्टडी में। CBI रिमांड मिला है (2 जून तक)।
- गिरिबाला सिंह: अग्रिम जमानत मिली थी लेकिन MP हाईकोर्ट ने रद्द कर दी। 28 मई को गिरफ्तार। CBI ने घर पर घंटों पूछताछ की।
दोनों को 5-5 दिन की CBI रिमांड मिली है। आमने-सामने पूछताछ और फेस-टू-फेस interrogation की योजना है।
Crime Scene Recreation: क्या हुआ Giribala के घर?
1 जून को CBI टीम भारी पुलिस सुरक्षा के बीच गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। 80 किलो की डमी (ट्विशा के वजन के करीब) को फंदे पर लटकाकर उतारने का पूरा सीन दोहराया गया। सीबीआई की टीम इन 4 सवालों के जवाब तलाश रही है...
- ट्विशा को फंदे से किसने और कैसे उतारा?
- घर की छत से नीचे लाने का तरीका क्या था?
- उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था?
- अस्पताल ले जाने से पहले क्या-क्या हुआ?
CBI 'Tunnel View Investigation' तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है। CCTV, WiFi logs, call records, digital footprints से ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन भी शामिल है।
CBI इन 5 बड़े सवालों के जवाब तलाश रही है
- 12 मई की रात का सटीक टाइमलाइन: ट्विशा को किस हालत में देखा गया? फंदे से उतारने, छत से नीचे लाने और अस्पताल पहुंचाने के बीच का समय। बयानों vs फोरेंसिक/डिजिटल सबूतों का मिलान।
- शरीर पर चोटों का स्रोत: Ante-mortem injuries blunt force से हैं। क्या मारपीट हुई? समर्थ/गिरिबाला का इसमें रोल?
- गर्भावस्था और MTP: डॉक्टर को समन। क्या गर्भपात के लिए दबाव था? ट्विशा का मानसिक हाल क्या था? Retained tissue और पोस्टमॉर्टम फाइंडिंग्स की जांच।
- समर्थ की फरारी: FIR (15 मई) के बाद 3 दिन भोपाल में रहा, फिर जबलपुर में 5 दिन छिपा। किसने मदद की? कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन, चैट्स की छानबीन। संभावित सहयोगियों पर कार्रवाई।
- सबूतों से छेड़छाड़: लिगेचर मटेरियल (रस्सी) पोस्टमॉर्टम में नहीं भेजा गया। डिजिटल रिकॉर्ड्स में गैप, WhatsApp चैट्स, ऑडियो (गिरिबाला का ट्विशा के पास्ट रिलेशनशिप पर)। ₹20 लाख शेयर, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन भी जांच में।
परिवार के आरोप vs आरोपी पक्ष की दलील
- ट्विशा के परिवार का आरोप है कि दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, चोटें, गर्भपात का दबाव। इसके तहत, दूसरा पोस्टमॉर्टम भी कराया गया।
- समर्थ-गिरिबाला पक्ष: आत्महत्या, गर्भपात के बाद डिप्रेशन। उन्होंने ₹7 लाख देने और ₹50,000 मंथली सपोर्ट का दावा किया। गिरिबाला ने ट्विशा के पिछले रिलेशनशिप का जिक्र किया (जिसे परिवार खारिज करता है)।
CBI दोनों बयानों की क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही है।
ट्विशा की मौत ने एक बार फिर समाज को घरेलू हिंसा और नए जोड़ों में दबाव के मुद्दे पर सोचने पर मजबूर किया है। न्याय मिले या न मिले, लेकिन इस केस ने सिस्टम की खामियों को उजागर जरूर किया है। 1 जून 2026 तक रीक्रिएशन पूरा हो चुका है। CBI दोनों आरोपियों को 2 जून तक कस्टडी में पूछताछ जारी रखेगी। आगे की सुनवाई और रिपोर्ट्स के आधार पर कोर्ट फैसला लेगा।













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