आंध्र प्रदेश विधानमंडल सत्र का बहिष्कार करेगी टीडीपी, तदेपा विधायकों ने क्या कहा? जानिए
आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने विधानमंडल का सत्र में शामिल ना होने का निर्णय लिया है। गुरुवार टीडीपी चीफ एन चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी पर चर्चा की मांग कर रहे टीडीपी विधायक अत्चन्नायडू और बी. अशो को को शेष सत्र के निलंबित किए जाने के बाद विरोध बढ़ गया है। टीडीपी का मानना है कि टीडीपी प्रमुख के खिलाफ साजिश की जा रही है। ऐसे में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के एकतरफा रवैये के विरोध में आंध्र प्रदेश विधानमंडल के वर्तमान सत्र का बहिष्कार करने का फैसला किया।
टीडीपी विधायकों ने शुक्रवार (22 सितंबर) घोषणा की कि टीडीपी विधायक शनिवार से विधानसभा और परिषद में शामिल नहीं होंगे। बता दें कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) ने सत्र को पांच दिनों तक चलाने का फैसला किया है। टीडीपी ने लगातार दूसरे दिन इस सत्र का विरोध किया। अत्चन्नायडू ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल उन्हें नायडू की 'अवैध' गिरफ्तारी का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं देकर उनकी आवाज दबा रहा है।

बता दें कि अत्चन्नायडू और बी. अशो को शुक्रवार को सभापति तम्मीनेनी सीताराम ने शेष सत्र के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया था। दरअसल उनके साथ अन्य अन्य टीडीपी विधायक एनसी नायडू की गिरफ्तारी पर बहस की मांग को लेकर आसन के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले दो दिनों से दोनों सदनों में लगातार ऐसा ही हंगामा चल रहा था। टीडीपी विधायकों के विरोध के दौरान पार्टी विधायक और टॉलीवुड अभिनेता एन. बालकृष्ण के इशारों से विवाद खड़ा हो गया।
दरअसल, बालकृष्ण टीडीपी चीफ एनसी नायडू के बहनोई हैं। उन्होंने वाईएसआरसीपी को चुनौती देने के लिए गुरुवार को अपनी मूंछें घुमाईं और अपनी जांघों पर ताल ठोंकी। शुक्रवार को उन्होंने टीडीपी के एक अन्य विधायक जी. राममोहन के साथ मिलकर सीटियां भी बजाईं। ऐसे में टीडीपी के तीन विधायकों को स्पीकर ने गुरुवार को शेष सत्र के लिए और शेष विधायकों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया।












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