शिवराज सिंह चौहान सरकार का संकल्प इंदौर को सपनों से भी सुंदर शहर बनाना
शिवराज सिंह चौहान सरकार का संकल्प इंदौर को सपनों से भी सुंदर शहर बनाना
इंदौर, 23 मार्च। मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान बतौर मुख्यमंत्री अपनी चौथी पारी के दो साल 23 मार्च को पूरे कर रहे हैं। वर्ष 2005 में सत्ता संभालने के बाद से ही प्रदेश की औद्योगिक व आर्थिक राजधानी इंदौर को सपनों से भी सुंदर शहर बनाने के संकल्प पर वे अब तक न सिर्फ कायम हैं, बल्कि चौथे कार्यकाल में नए जोश और ऊर्जा के साथ इसे पूरा करने में जुटे भी हैं।

बीते दो साल में इंदौर को आगे ले जाने की उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति व महत्वाकांक्षा कई प्रशासनिक निर्णयों में नजर आती है। शहर की तीन पीढ़ियों ने जिस शिवराज में 'मामा' की छवि देखी है, वे अब शिवराज को नए तेवर और कलेवर में देख रहे हैं। 15 माह के विपक्ष के कार्यकाल के दौरान भी शिवराज 'टाइगर अभी जिंदा है' जैसे जुमलों के साथ इंदौर की विकास योजनाओं पर पैनी नजर रखे हुए थे।
कमल नाथ सरकार गिरने के बाद दोबारा कुर्सी संभालते ही मुख्यमंत्री ने अपने सपनों के शहर की विकास यात्रा को दोगुना रफ्तार दी। कोरोना काल में भी इंदौर को हरसंभव मदद दी। संक्रमण काल के बीच भी एक हजार करोड़ रुपये का मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट हो, शहर के दो कोनों में आकार ले रहे आइएसबीटी बस स्टैंड या सैकड़ों करोड़ रुपये से तैयार होने वाली सड़कों के प्रोजेक्ट हों या फिर इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय हो, सब तुरंत स्वीकृत हुए। जहां बजट रोड़ा बना, वहां केंद्र सरकार का साथ लेकर योजनाएं स्वीकृत करवा लीं।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट व नदी शुद्धीकरण से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार होने वाले भवनों तक के काम उम्मीद से अधिक तेजी से हुए। शिवराज ने बीते दो साल में ये संदेश भी दिया कि वे सिर्फ 'साफ्ट जननेता" नहीं बल्कि 'सख्त राजनेता' भी हैं। राजनीतिक हानि-लाभ को दरकिनार कर माफिया के खिलाफ कड़े फैसले लिए और ढाई हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन मुक्त करवाई।












Click it and Unblock the Notifications