कांग्रेस सरकार के पास अपनी कोई पालिसी नहीं: शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल
नवांशहर। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने जिले के विभिन्न स्थानों का दौरा किया। दस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई नीति नहीं है। वह अकाली दल की ओर से प्रदेश के लोगों के हित में बनाई गई पालिसियों को ही लागू कर रही है। आटा दाल स्कीम व शगुन स्कीम अकाली दल की ही देन है। प्रदेश में नई सड़कों का निर्माण अकाली दल ने करवाया गया है। बादल ने कहा कि प्रदेश में अकाली दल की सरकार बनती है, तो अकाली दल के चुनाव मैनिफेस्टो के हर वादे को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेइंसाफी का इलाज परमात्मा ही करता है।

वह एक दिन एक हलका कार्यक्रम के तहत 55 हलकों में जाकर आए हैं। उन्होंने देखा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस व आम आदमी पार्टी से बेहद दुखी है। बहुजन समाज पार्टी का जन्म भी पंजाब में ही हुआ है। उन्होंने कहा कि सरदार प्रकाश सिंह बादल की सोच है कि सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। जिले में विभिन्न स्थानों पर दौरा करने के बाद उन्होंने अकाली दल के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय रेशम सिंह थियाड़ा के बेटे रमनदीप सिंह थियाड़ा के आवास पर भोजन किया। इसके बाद उन्होंने एक एक निजी पैलेस में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर यहां के लोग अकाली- बसपा के प्रत्याशी डॉ.नछत्तर पाल को जिताते हैं, तो वह उन्हें सरकार में एक बढि़या ओहदा देंगे जिससे इस क्षेत्र का तेज गति से विकास हो सकेगा। अंत में शाम करीब सवा पांच बजे उन्होंने आंबेडर चौक पर स्थित बाबा साहेब के बुत को माला पहना कर नमन किया। किसानों ने बादल का किया विरोध उधर चंडीगढ़ मार्ग पर एक मॉल के आगे धरना दे रहे किसानों ने सुखबीर बादल का विरोध किया। किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन ने उनसे धोखा किया है।
प्रशासन ने उनसे वादा किया था कि नवांशहर में आते ही सुखबीर बादल को सबसे पहले उन्हें मिलाया जाएगा, पर प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। किसानों के साथ खड़ा है शिअद वहीं सुखबीर सिंह बादल ने गांव चक्कदाना में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद धरने पर बैठे किसानों से मुलाकात की। जब उनका काफिला निर्धारित स्थान पर पहुंचा, तो किसानों ने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था।
कार्यक्रम में भाग लेने के बाद सुखबीर सिंह बादल किसानों के धरने वाले स्थान पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही किसान नेताओं ने कहा कि, सुखबीर सिंह बादल ने उनको आज तक याद नहीं किया। जिस पर बादल ने कहा कि आप लोगों ने कहा था कि वह किसी भी राजनीतिक दल के नेता को अपने धरने में नही आने देंगे, जिस कारण वह किसानों के धरने में नही गए। बादल ने किसानों से कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में ही उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ा है। अकाली दल किसानों के संघर्ष के साथ कंधे से कंधा जोड़ कर खड़ी है।












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