MP में सिंधिया फैक्टर बन रहा कांग्रेस की ताकत? दिग्गज बढ़ा सकते हैं शिवराज सिंह चौहान की चिंता
जानकार बताते हैं कि परिवार का दबदबा खासतौर से अशोकनगर जिले की मुंगावली सीट पर है.

मध्य प्रदेश की गद्दी पर वापसी की कोशिशों में लगी कांग्रेस ने नाराजगी को हथियार बनाने की तैयारी की है। खबर है कि पार्टी का फोकस भारतीय जनता पार्टी के नाराज नेताओं के परिवार हैं। कांग्रेस नेता इसके तार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से जोड़कर देख रहे हैं। एमपी में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं।
ऐसे समझें रणनीति
कहा जा रहा है कि कांग्रेस की रणनीति की शुरुआत हो चुकी है। इसके संकेत ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हुई सियासी उथल पुथल से मिलते हैं। 22 मार्च को अशोकनगर जिले में भाजपा के तीन बार के विधायक राव देशराज सिंह यादव के बेटे राव यादवेंद्र सिंह यादव कांग्रेस में शामिल हो गए। अब क्षेत्र में यादव परिवार को भाजपा का पुराना समर्थक माना जाता है।
जानकार बताते हैं कि परिवार का दबदबा खासतौर से अशोकनगर जिले की मुंगावली सीट पर है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पार्टी यादवेंद्र सिंह को मुंगावली सीट से उतारने पर विचार कर रही है। खास बात है कि इस सीट पर सिंधिया के करीबी और प्रदेश सरकार में मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव हैं।
पहला नहीं है झटका
अब इससे पहले भी कांग्रेस ने भाजपा सांसद केपी यादव के भाई अजय यादव को शामिल कर लिया था। अटकलें हैं कि अब उन्हें भी अशोकनगर या शिवपुरी जिले की यादव बहुल सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। कहा जा रहा है कि अशोकनगर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ी भूमिका निभाई है।
इधर, भाजपा को बड़वानी में तब झटका लगा जब पूर्व सांसद माखनसिंह सोलंकी ने कांग्रेस का दमन थाम लिया। खबरें हैं कि राज्य सरकार में मंत्री कमल पटेल के जरिए भाजपा ने इस दल बदल को रोकने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
क्या जारी रहेगा सिलसिला?
मीडिया रिपोर्ट में कांग्रेस नेताओं के हवाले से कहा जा रहा है कि भाजपा से जुड़े पुराने परिवारों में इस तरह के बदलाव जारी रहेंगे। वे इसकी बड़ी वजह सिंधिया के वफादारों के बढ़ते प्रभावको बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि राज्य के ऐसे ही कई बड़े परिवार कांग्रेस की रडार पर हैं।












Click it and Unblock the Notifications