फसल खराबे के मुआवजे के लिए 109 करोड़ रूपए मंजूर:दुष्यंत चौटाला
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 22 सितंबर 2022 के बाद प्रदेश में खरीफ फसल 2022 में हुए नुकसान के आंकलन के लिए सरकार ने 28 अक्तूबर 2022 और 9 नवंबर 2022 को विशेष गिरदावरी के आदेश दिए गये थे।

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने किसानों से आग्रह किया है कि वे मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपने बैंक खाते को वेरिफाई करें, ताकि पात्र किसानों को उनकी फसल खराबे के नुकसान का मुआवजा जल्द से जल्द मिल सके।साथ ही उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्तों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे संबंधित विधायकों के साथ बैठक कर उन्हें विधानसभा क्षेत्र वार ट्रेजरी में मुआवजे का कितना पैसा पड़ा हुआ है, उसकी जानकारी दें, ताकि विधायक किसानों से संपर्क कर उनसे बैंक खाता वेरिफाई करवाने में सहयोग कर सकें। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन एक विधायक के प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 22 सितंबर 2022 के बाद प्रदेश में कई जगहों पर हुई भारी वर्षा, जलभराव के कारण खरीफ फसल 2022 में हुए नुकसान के आंकलन के लिए सरकार ने 28 अक्तूबर 2022 और 9 नवंबर 2022 (जिला हिसार में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण) को विशेष गिरदावरी के आदेश दिए गये थे। जिलों से मण्डलीय आयुक्तों के माध्यम से विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट अभी अपेक्षित हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने पर सरकार की हिदायतों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सरकार ने मुआवजा राशि के तौर पर 109 करोड़ रुपये की राशि सेंक्शन कर दी है। इसमें से मेवात के लिए 29.26 करोड़ रुपये की राशि सेंक्शन की गई है, जो ट्रेजरी में डाली जा चुकी है। उन्होंने बताया कि ई-फसल क्षतिपूर्ति पर 3,667 किसानों ने जलभराव, बारिश या बिना बुआई वाली 16,007 एकड़ भूमि की जानकारी दी है। इसका सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधायकों से भी आग्रह किया कि वे जिलो में मुआवजे की जो राशि ट्रेजरी में पड़ी है, उसको मॉनिटर करें और किसानों से संपर्क कर उनके बैंक खाते जल्द से जल्द वेरिफाई करवाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि वर्षा के कारण हुए जलभराव की निकासी के लिए राज्य सरकार द्वारा डीजल और बिजली के पम्प सेट लगाकर सभी प्रयास किए गए हैं। इसके लिए चालू वित्त वर्ष में जिलों को अग्रिम राशि के साथ-साथ उनकी मांग के आधार पर कुल 3,34,14,585 रुपये की राशि भी जारी की गई है।












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