UP: 'सिर्फ अहिंसा से काम नहीं चलेगा,' देश के दुश्मनों को CM योगी की सीधी चेतावनी
UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'नौसेना शौर्य वाटिका' का भव्य उद्घाटन किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने वाले युद्धपोत INS गोमती के अवशेषों को शौर्य वाटिका में स्थापित किया गया, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा, राष्ट्र रक्षा और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर कई बड़ी और महत्वपूर्ण बातें कहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कानून व्यवस्था और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी विकास योजना तभी प्रभावी रूप से आगे बढ़ सकती है, जब राज्य में एक बेहतर और सुरक्षित माहौल हो। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए याद दिलाया कि साल 2017 से पहले इसी उत्तर प्रदेश में आए दिन दंगे और कर्फ्यू लगते थे। पेशेवर माफिया और अपराधियों ने आम जनता का जीना दूभर कर रखा था, लेकिन आज सुरक्षा के पुख्ता माहौल में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

'कमजोर से कोई दोस्ती नहीं करता, ताकतवर बनना जरूरी'
अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की मजबूत स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह मजबूत होंगे, तभी दुनिया हमसे दोस्ती करेगी। इतिहास गवाह है कि कमजोर के सामने कोई नहीं झुकता और न ही कोई कमजोर से हाथ मिलाता है। उन्होंने नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि जिस तरह हमारी सेना हर परिस्थिति में सीमाओं की रक्षा करती है, उसी तरह देश के हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह सैनिकों का पूरा सम्मान करे।
'धर्म हिंसा तथैव च': दुश्मनों को योगी की सीधी चेतावनी
CM योगी ने भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा का हवाला देते हुए एक बेहद कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारी ऋषि परंपरा हमें सिखाती है- 'अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथैव च'। इसका सीधा अर्थ है कि अगर कोई देश, समाज या मानवता के लिए खतरा बन चुका है, तो वहां केवल अहिंसा से काम नहीं चल सकता। समाज की रक्षा के लिए अंततः दुष्टों के खिलाफ हिंसा (सैन्य कार्रवाई) ही एकमात्र मार्ग बचती है। हमारी राष्ट्रीय सेना दुश्मनों के खिलाफ इसी सिद्धांत का पालन करते हुए देश की रक्षा करती है।
युवाओं को प्रेरित करेगा INS गोमती का गौरवशाली इतिहास
भारतीय नौसेना की ताकत रहे युद्धपोत INS गोमती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लंबे समय तक देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने के बाद साल 2022 में इस युद्धपोत को सेवामुक्त (रिटायर) कर दिया गया था। आज रिटायरमेंट के बाद इसका बहुत ही बेहतरीन सदुपयोग किया गया है और इसे गोमती नदी के तट पर 'नौसेना शौर्य वाटिका' में स्थापित किया गया है। यह वाटिका उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं को भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास को जानने और उससे राष्ट्र सेवा की प्रेरणा लेने का एक शानदार अवसर देगी।














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