पंजाब: सरकार का दावा— सीमावर्ती इलाकों में अवैध खनन पर अब पूरी तरह से रोक, HC में दिया ये जवाब
चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा सीमावर्ती इलाकों में अवैध माइनिंग पर पूरी तरह से पूरी रोक लगा दी है। बता दें भारतीय सेना द्वारा पंजाब के सीमावर्ती जिलों में 'अवैध माइनिंग' के कारण सीमा पार से घुसपैठ के बारे में चिंता जताए जाने के बाद, राज्य सरकार ने फैसला किया कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 1 कि.मी. के अंदर कानूनी माइनिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। जानकारी के अनुसार गत दिन सोमवार को पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में पेश किए गए एक हलफनामे में कहा, "अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 1 कि.मी. के अंदर किसी भी कानूनी माइनिंग गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय सीमा के 2 कि.मी. के अंदर किसी भी स्क्रीनिंग-कम-वाशिंग प्लांट या स्टोन क्रशर को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि सेना इससे पहले भी हाईकोर्ट से कहा था कि अवैध माइनिंग के कारण राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा है। इस माइनिंग के कारण बार्डर बने बंकरों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। यही नहीं सैनिकों का कहना है कि इस अवैध माइनिंग के कारण पानी का बहाव भी बदल सकता है जिस कारण बाढ़ आने का भी खतरा है। आज के समय में अवैध माइनिंग में बहुत सारे लोग जुड़ गए हैं जिस कारण उन पर रोक लगाना मुश्किल हो गया है।
राज्य सरकार ने बताया कि यह फैसला फौज और सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) द्वारा पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास माइनिंग गतिविधियों को सीमित करने के लिए उठ रही चिंताओं के बाद लिया गया है। राज्य ने एक गुरबीर पन्नू द्वारा दायर एक याचिका पर पंजाब सरकार, जल संसाधन, माइनिंग और भूविज्ञान विभाग के प्रधान सचिव कृष्ण कुमार के माध्यम से हलफनामा पेश किया है।












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