पंजाब सरकार की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी जारी, अब हर जगह एक जैसे ही होंगे नियम
चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा राज्य के उद्योगपतियों के लिए बनाई गई नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी तैयार हो चुकी है। इस साल अक्तूबर से यह नई पॉलिसी लागू की जा रही है। इसी को लेकर पंजाब की निवेश प्रोत्साहन, श्रम, पर्यटन मंत्री अनमोल गगन मान चंडीगढ़ पहुंची। उन्होंने यहां कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब सरकार की उद्योग समर्थकी नीतियों ने राज्य में 21000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया है। नए उद्योगों और स्टार्टअप की आमद से पंजाब में 90,000 से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। वह कन्फैडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सी.आई.आई.) की तरफ से चंडीगढ़ में व्यापार, पर्यटन, टैक्सेशन, बिजली और श्रम बढ़ावा के उद्देश्य से 'पंजाब में औद्योगिक विकास और निवेश को उत्साहित करने' विषय पर करवाए एक सैशन को संबोधन कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि वह सभी उद्योगपतियों का पंजाब में निवेश करने, खासकर खेती और फूड प्रोसैसिंग क्षेत्रों में निवेश करने और पंजाब में निवेश के माहौल को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने के लिए स्वागत करती हैं। राज्य सरकार नए उद्योगों और निवेशकों को अपने कारोबार स्थापित करते हुए उपयुक्त और सहज माहौल प्रदान करने के लिए काम कर रही है। पंजाब में औद्योगिक माहौल की मजबूती को उजागर करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सड़कों, रेलवे और हवाई मार्गों के द्वारा आसान संपर्क, औद्योगिक निवेश को उत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

जानें क्या है पंजाब सरकार की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी
उद्योगपति अपनी जरूरत के हिसाब से जमीन ले सकेंगे
हर प्रकार की मंजूरी के लिए स्थापित होगा सिंगल विंडो सिस्टम
कई सेक्टर में पोर्टल पर अप्लाई करते ही मिल जाएगी मंजूरी
हर जगह एक जैसे ही होंगे नियम।
पंजाब के मंत्री लेंगे 'आजादी का अमृत महोत्सव' में हिस्सा
पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर 8 और 9 सितम्बर, 2022 को बंगलुरू में होने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस 'आजादी का अमृत महोत्सव' में हिस्सा लेंगे। इस नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए रवाना होने से पहले एक बयान में ई.टी.ओ. ने कहा कि वह इस मौके का प्रयोग सड़क नैटवर्क में अधिक सुधार के लिए राज्य और केंद्र के बीच संचार को मजबूत करने संबंधी मुद्दों को उठाने के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को राष्ट्रीय राजमार्गों की मंजूरियों के लिए पेश आ रही मुश्किलों संबंधी विस्तार से चर्चा की जाएगी। वह राज्य के रुके हुए सड़क प्रोजेक्टों से संबंधी मुद्दों को और अपने विभाग के अन्य पेंडिंग मुद्दों को जोरदार ढंग से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और केंद्र सरकार के अन्य प्रतिनिधियों के समक्ष उठाएंगे।












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