CM मान बोले- देश को संकट से उबारकर पंजाब ने आत्मनिर्भर बनाया था, अब हमें मदद मिले
चंडीगढ़। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में हिस्सा लिया। इस दौरान पंजाब भगवंत मान ने सूबे के कई मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि, जिस समय पर देश भुखमरी के संकट से गुजर रहा था तो उस समय पंजाब के मेहनती किसानों ने देश को अनाज उत्पादन से आत्मनिर्भर बनाया था. उन्होंने राज्य के किसानी से जुड़े मामलों को उठाते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी बनाने और वैकल्पिक फसलों के लिए पुख़्ता मंडीकरण प्रणाली को सुनिश्चित बनाने की जरूरत पर ज़ोर दिया.

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि खेती अब लाभदायक धंधा नहीं रहा जिस कारण किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं. भगवंत मान ने कहा कि किसानों को ऐसी संकटकालीन स्थिति में से निकालने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं जिसके लिए केंद्र सरकार को कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसा किये जाना समय की जरूरत है जिससे किसानों के हितों की रक्षा की जा सके. इसी तरह सीएम मान ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य भी लाभदायक होना चाहिए क्योंकि खेती लागतें कई गुणा बढ़ गई हैं जिस कारण किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा है.
एमएसपी कमेटी को किया खारिज
भारत सरकार की तरफ से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बनाई गई कमेटी को सिरे से नकारते हुए मुख्यमंत्री ने मांग की कि वास्तविक किसानों को शामिल करके इसका पुनर्गठन किया जाए. उन्होंने कहा कि कमेटी में उन ज्ञानविहीन अर्थशास्त्रियों का दबदबा है जिनको कृषि संबंधी कोई ज्ञान नहीं है. भगवंत मान ने कहा कि इस कमेटी के सभी विशेषज्ञों के साथ-साथ खेती माहिरों को भी मेंबर बनाया जाना चाहिए. देश में दालों के महंगे भाव पर आयात पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की धन-दौलत के बाहर जाने को रोकने की ज़रूरत है और पंजाब इसमें अहम भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य के किसान दालों के उत्पादन में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तैयार हैं. इसलिए केंद्र सरकार को दालों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का ऐलान करना चाहिए और इसलिए उचित मंडीकरण प्रणाली का भरोसा भी देना चाहिए.
गिरते भूजल पर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ किसानों को गेहूं/धान के फसली चक्र में से निकालने के लिए और दूसरे तरफ भूजल के गिर रहे स्तर को बचाने के लिए कृषि विभिन्नता की तत्काल जरूरत है. उन्होंने दुख प्रकट किया कि कुल 150 ब्लॉकों में से 117 ब्लाकों में पानी का स्तर खतरे के स्तर पर पहुंच चुका है. भगवंत मान ने वैकल्पिक फसलों पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करके पानी के स्तर को रोकने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की मांग की. मुख्यमंत्री ने नीति आयोग को यह भी जानकारी दी कि पंजाब सरकार राज्य में शिक्षा ढांचे को सुधारने के लिए ठोस प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इस समय पर राज्य में शिक्षा प्रणाली डावांडोल स्थिति में है, जिसके लिए बहुत बड़े काम करने की ज़रूरत है.












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