पंजाब: मंत्रिमंडल में दिवाली से पहले हो सकता है विस्तार, CM करेंगे मंत्रियों के विभागों में बदलाव?
चंडीगढ़। दीपावली से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी आलाकमान ने कैबिनेट मंत्रियों की तीन खाली सीटों को भरने के लिए मुख्यमंत्री को कैबिनेट विस्तार की मंजूरी दे दी है और दीपावली पर मुख्यमंत्री तीन विधायकों को फ्लैग कार गिफ्ट कर सकते हैं।

कैबिनेट में किन तीन विधायकों को जगह मिल सकती है, इस बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है, लेकिन इतना तय है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कैबिनेट मंत्री फौजा सिंह सरारी की विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद छुट्टी हो सकती है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दो में से एक विधायक प्रोफेसर बलजिंदर कौर और सरबजीत कौर माणूके को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसी तरह प्रिंसिपल बुद्ध राम को भी कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।

पार्टी पहले ही दूसरे कार्यकाल के विधायक कुलतार सिंह संधवा और जय किशन रोड़ी को क्रमशः अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त कर चुकी है, जबकि हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और गुरमीत सिंह मीत हेयर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसी तरह दूसरी बार विधायक बनी प्रो. बलजिंदर कौर और प्रिंसिपल बुद्धराम को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
फौजा सिंह सरारी मंत्रिमंडल से हटाए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो चार विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक पार्टी आलाकमान कई मंत्रियों के विभागों के प्रदर्शन से खुश नहीं है, जिससे तीन-चार मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना है।
वहीं, बीते दिन पार्टी ने बीजेपी पर आप विधायकों को तोड़ने के लिए 25-25 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने विधानसभा उपाध्यक्ष जय किशन रोड़ी और अन्य विधायकों की शिकायत के आधार पर रिश्वतखोरी के आरोप में मामला भी दर्ज किया है।
गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पूरी तरह से सक्रिय है और गुजरात में हर अपना झंडा फहराना चाहती है। पंजाब कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 18 कैबिनेट मंत्री बनाए जा सकते हैं, फिलहाल 14 कैबिनेट मंत्री हैं और तीन सीटें खाली हैं।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा. विजय सिंगला के बाद भ्रष्टाचार मामले में घिरे मंत्री फौजा सिंह सारारी को कैबिनेट मंत्री पद से बर्खास्त किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पंजाब विधानसभा का सत्र खत्म होने के बाद फौजा सिंह सरारी को कभी भी कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कल फौजा सिंह सारारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सरारी और उनके ओएसडी के बीच बातचीत का आडियो वायरल होने के बाद सरकार के राजनीतिक विरोधी सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, सुखपाल सिंह खैहरा, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया समेत कई अन्य नेता सरकार को घेर रहे हैं।












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