पंजाब: AAP नेता कंग का मजीठिया पर पलटवार, कहा- झूठे दस्तावेज दिखा सरकार को बदनाम करने की कोशिश
पंजाब आप पार्टी प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राकेश चौधरी मामले में झूठे दस्तावेज दिखा और पंजाब सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया है।

पंजाब आम आदमी पार्टी ने शिअद पर फर्जी दस्तावेजों के साथ झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं। पार्टी प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राकेश चौधरी मामले में झूठे दस्तावेज दिखा और चुटकुले सुनाकर पंजाब सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया है।
कंग ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब में रेत माफिया बादल सरकार के समय साल 2007 में आने के आरोप लगाए। कंग ने कहा कि उन्होंने मोनोपॉली बनाकर पंजाब से लूट-खसूट की, गुंडा पर्ची और गुंडा ट्रांसपोर्ट की शुरुआत की, लेकिन रेत माफिया के नेटवर्क में जो कोई शामिल रहा, पंजाब के लोगों ने उसे कहीं का नहीं छोड़ा।
3 साल का एग्रीमेंट कांग्रेस सरकार में हुआ
उन्होंने कहा कि शिअद नेता मजीठिया ने पंजाब सरकार पर राकेश चौधरी का रेत का लाइसेंस रिन्यू करने का आरोप लगाया। जबकि राकेश चौधरी का 3 साल का एग्रीमेंट कांग्रेस सरकार में साल 2019 में हुआ था। उन्होंने बताया कि कोविड काल में उसे अदालत से मार्च 2023 तक एक्सटेंशन मिली। हालांकि साल 2021 में करोड़ों रुपए की देनदारी के कारण राकेश चौधरी डिफॉल्टर होने सहित कई प्रकार की उल्लंघना करता रहा।
राकेश चौधरी को टर्मिनिशन से पहले दिया नोटिस
कंग ने कहा कि पंजाब में मार्च 2022 में AAP सरकार बनी। इससे पहले एग्रीमेंट हुए हैं, उन्हें फाइनेंशियल ईयर तक चलाना सरकार की मजबूरी है। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2022 को पंजाब सरकार ने राकेश चौधरी को एग्रीमेंट में कई प्रकार की वॉयलेशन पर टर्मिनेट किया, लेकिन उसने हाईकोर्ट में पिटीशन फाइल कर टर्मिनेशन से पहले उसे नोटिस नहीं दिए जाने की बात कही। जबकि नोटिस दिया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के दिन ही 28 सितंबर 2022 को राकेश चौधरी को नोटिस दिया गया, लेकिन इस बीच उसने 12 करोड़ रुपए की पेनल्टी के मामले में जिला अदालत में स्वयं को 6 करोड़ रुपए जमा कराने को तैयार बताया। जबकि शेष 6 करोड़ रुपए की मध्यस्थता को बिचौलिया नियुक्त किए जाने की मांग की।












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