पंजाब: शिक्षा मंत्री के आदेशों का उल्लंघन कर रहे निजी स्कूल, दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

जानकारी के मुताबिक सोमवार को रूपनगर जिले का एक निजी स्कूल खुला रखे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रिंसीपल को नोटिस भी जारी किया है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस

राज्य में बढ़ रही धुंध व कोहरे को देखते हुए अध्यापकों व विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बेशक सरकार ने सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छुटि्टयां 8 जनवरी तक बढ़ा दी हैं लेकिन कई निजी स्कूल शिक्षा मंत्री के आदेशों को छिक्के पर टांग कर अपने संस्थान खोल रहे हैं। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के सोशल मीडिया अकाऊंट पर भी निजी स्कूलों के खुलने बारे ढेरों शिकायतें आ रही हैं जिनमें यूजर्स बकायदा स्कूल और शहर का नाम भी बता रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक सोमवार को रूपनगर जिले का एक निजी स्कूल खुला रखे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रिंसीपल को नोटिस भी जारी किया है। वहीं शिक्षा मंत्री ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को भी ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं जो छुटि्टयों के बावजूद खुल रहे हैं। शिक्षा मंत्री के सोशल मीडिया अकाऊंट और ट्विटर हैंडल पर आने वाली शिकायतों में स्कूलों में अध्यापकों को बुलाने का जिक्र भी कई यूजर्स द्वारा किया गया है। वहीं मंत्री ने हैड आफिस में टीमें तैयार की हैं जोकि गुपचुप तरीके से रिपोर्ट एकत्रित कर रही हैं कि कौन से निजी स्कूल सरकार के आदेशों को दरकिनार कर रहे हैं। ताकि ऐसे स्कूलों पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई शुरू करके इनकी एन.ओ.सी. रद्द की जाए।

शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कई निजी स्कूलों के खिलाफ अध्यापकों द्वारा मैसेज भी किए जा रहे हैं कि उन्हें छुट्टियों में बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार के आदेश स्कूलों को बंद रखने के हैं न कि बच्चों को छुट्टी करने और अध्यापकों को बुलाने के। अगर स्कूल संचालकों को अध्यापकों से कोई काम लेना भी है तो उसे आनलाईन भी लिया जा सकता है। एक अधिकारी ने कहा सरकार का मकसद धुंध व कोहरे की वजह से होने वाले हादसों को रोकना है जिस वजह से स्कूलों की छुटि्टयों में बढ़ौतरी की गई है लेकिन निजी स्कूल बच्चों को छुट्टी कर और अध्यापकों को बुलाकर अपनी मनमर्जी कर रहे हैं जोकि सरासर गल्त है। ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट तैयार करके प्रिंसीपलों व मैनेजमैंटों के खिलाफ कारवाई की जाएगी। एक सरकारी स्कूल के प्रिंसीपल ने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों के अध्यापक घर बैठे आनलाईन कक्षाएं लगा सकते हैं तो निजी स्कूल अपने अध्यापकों से आनलाईन कक्षाएं क्यों नहीं लगवा सकते?

वहीं ट्रैफिक माहिरों का कहना है कि इन दिनों सुबह से लेकर दोपहर तक काफी धुंध होने की वजह से विज़ीबिलटी काफी कम रहती है जिससे हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि अगर कोई बेहद जरूरी काम न हो तो घरों से न निकलें। वैसे भी धुंध की वजह से सड़कों पर आवाजाई काफी कम हो चुकी है जिससे हादसों में कमी आएगी।

पढ़ाई नहीं फीस है मुद्दा
कई अभिभावकों ने कहा कि दरअसल संचालकों द्वारा स्कूल खोलने का मकसद पढ़ाई नहीं बल्कि फीसें लेना है क्योंकि महीने के शुरूआती हफ्ते में पेरैंट्स फीस जमा करवाते हैं। ऐसे में अब छुटि्टयां होने की वजह से फीस नहीं आ रही जिसकी वजह से स्कूलों में बच्चों को बुलाया जा रहा है ताकि अभिभावक फीसें जमा करवा दें। कई स्कूल तो ऐसे हैं जो छुट्टी होने के बावजूद भी पेरैंट्स को फीस जमा करवाने के मैसेज डाल रहे हैं।

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