सस्ते घर के लिए पंजाब में बनेगी नीति, जानिए सरकार की योजना

चंडीगढ़: पंजाब में निम्र मध्यमवर्गीय व कम आय वाले परिवारों के लिए सस्ते मकानों के निर्माण को प्रोत्साहित करने और राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए पंजाब आवास निर्माण एवं विकास विभाग द्वारा जल्द ही नई सस्ती आवास नीति लाई जा रही है। लोगों से सुझाव लेने के लिए इस नीति का मसौदा विभाग की आधिकारित वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

Punjab government

पंजाब के आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आम लोगों के अपने घर का सपना साकार करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने बताया कि आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग ने ''पंजाब किफायती आवास नीति-2022'' तैयार की है।

29 तक दिए जा सकेंगे लिखित सुझाव

अमन अरोड़ा ने कहा कि लोगों से सुझाव लेने के लिए इस नीति का मसौदा वेबसाइट www.puda.gov.in पर अपलोड कर दिया है। इच्छुक व्यक्ति 29 अक्टूबर 2022 तक अपने सुझाव लिखित रूप में दे सकते हैं। इस नई नीति के अंतर्गत प्लाट वाली कालोनी के लिए कम से कम क्षेत्रफल पांच एकड़ निश्चित की गई है और ग्रुप हाउसिंग के लिए कम से कम क्षेत्रफल केवल 2 एकड़ है।

बिक्री योग्य क्षेत्र 65% तक किया गया

आम लोगों को सस्ती दरों पर प्लाट मुहैया करवाने के लिए साधारण कालोनियों में बिक्री योग्य क्षेत्र को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। प्लाटों वाले क्षेत्र से गुजरने वाली किसी भी मास्टर प्लान सड़क समेत प्रोजेक्ट के कुल प्लाट क्षेत्र पर बिक्री योग्य क्षेत्रफल दिया जा रहा है।

सीएलयू, ईडीसी चार्ज 50% किए गए

अमन अरोड़ा ने कहा कि व्यक्तिगत प्लाट धारकों पर बोझ को घटाने के लिए स्कूल, डिस्पेंसरियों और अन्य आम सुविधाओं संबंधी अनिवार्य शर्तों को भी हटा दिया गया है। साधारण कालोनी पर लागू होने वाले सीएलयू, ईडीसी और अन्य चार्ज भी 50 प्रतिशत या आधे कर दिए गए हैं, लेकिन गमाडा क्षेत्रों में इन चार्ज में कटौती लागू नहीं होगी।

प्लाट का अधिक से अधिक आकार 150 वर्ग गज

इस नीति के अंतर्गत प्लाट का अधिक से अधिक आकार 150 वर्ग गज तक निर्धारित किया गया है और फ्लैट का अधिक से अधिक आकार 90 वर्ग मीटर तक तय किया गया है। निर्माण की लागत घटाने के लिए पार्किंग नियमों में भी ढील दी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह नीति न्यू चंडीगढ़ में लागू नहीं होगी और मास्टर प्लान के अनुसार एसएएस नगर (मोहाली) में नई कालोनी के लिए 25 एकड़ क्षेत्रफल अपेक्षित है।

मंजूरियों की सभी शक्तियां शहरी विकास के प्रशासक को

आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि सीएलयू और अन्य मंजूरियों की तेजी से मंज़ूरी के लिए हरेक आकार की कालोनी के लिए स्थानीय स्तर पर एक सक्षम अथारिटी निर्धारित की गई है। मंजूरियों के लिए सभी शक्तियां संबंधित स्थानीय शहरी विकास अथारिटी के मुख्य प्रशासक को सौंप दी गई हैं।

एनओसी के लिए तीन हफ्ते की समयसीमा

उन्होंने कहा कि अन्य विभागों से सभी अनिवार्य एनओसीज अब आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग द्वारा ली जाएंगी और मंजूरियों में किसी भी प्रकार की देरी से बचने के लिए बाकी सभी विभागों के लिए एनओसी जारी करने के लिए तीन हफ्तों की समयसीमा निर्धारित की गई है।

अनधिकृत कॉलोनियों पर लगेगी रोक

अमन अरोड़ा ने कहा कि मंजूरियों संबंधी मामलों के जल्द निपटारे के लिए उच्चस्तर पर नियमित निगरानी को सुनिश्चित बनाया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह नीति प्रमोटरों को अपनी कालोनियों को बगैर किसी मुश्किल के मंज़ूर करवाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और यकीनी तौर पर अनाधिकृत कालोनियों के निर्माण पर रोक लगाएगी और राज्य में रियल एस्टेट के विकास को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

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