दिल्ली की हवा सुधारने के लिए बड़ा एक्शन! LG ने दिया अल्टीमेटम, अब धूल और प्रदूषण पर चलेगा मिशन मोड अभियान

Delhi LG Meets CAQM chief: दिल्ली में हर साल सर्दियां आते ही वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी समस्या से निपटने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार (01 जून) को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा के साथ अहम बैठक की।

बैठक में राजधानी और पूरे एनसीआर की हवा को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदमों पर चर्चा हुई। सबसे ज्यादा जोर सड़कों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने पर दिया गया।

Delhi improve capital air quality

दिल्ली की हवा को लेकर क्या हुई चर्चा?

बैठक के दौरान दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति और उसे कम करने के लिए चल रहे उपायों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख स्रोत सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, बायोमास जलाना और औद्योगिक उत्सर्जन हैं। एलजी संधू ने कहा कि वायु प्रदूषण केवल दिल्ली की नहीं बल्कि पूरे एनसीआर की समस्या है। इसलिए इसका समाधान भी सभी राज्यों और एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगा।

सड़क की धूल बनी सबसे बड़ी चिंता

बैठक में यह बात सामने आई कि सड़क की धूल को अक्सर प्रदूषण का छोटा कारण माना जाता है, जबकि यह पीएम10 और पीएम2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषक कणों को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती है। एलजी ने कहा कि आने वाली सर्दियों से पहले राजधानी की सड़कों को अधिकतम धूल-मुक्त बनाने के लिए तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धूल प्रदूषण को नियंत्रित करना अपेक्षाकृत आसान है और इसमें कई सरकारी एजेंसियां प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।

किन उपायों पर दिया गया जोर?

बैठक में कई व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की गई।

  • प्रमुख सड़कों पर मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया।
  • खराब सड़कों की जल्द मरम्मत और पूरी लंबाई तक रखरखाव सुनिश्चित करने की बात कही गई।
  • नालों की सफाई के दौरान निकाली गई गाद को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि सूखकर वह धूल प्रदूषण का कारण न बने।
  • सड़क किनारे हरित पट्टी और पौधारोपण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
  • धूल नियंत्रण से जुड़े उपकरणों और संसाधनों के बेहतर उपयोग की आवश्यकता बताई गई।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी फोकस

एलजी संधू ने कहा कि परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को और बढ़ाना होगा। उनका मानना है कि स्वच्छ परिवहन व्यवस्था दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बैठक में केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे एनसीआर में औद्योगिक उत्सर्जन की सख्त निगरानी की जरूरत पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के दौरान दिल्ली की हवा खराब होने में बाहरी स्रोतों का भी बड़ा योगदान रहता है। इसलिए क्षेत्रीय स्तर पर संयुक्त रणनीति जरूरी है।

सर्दियों से पहले दिखेगा असर?

एलजी ने सभी संबंधित एजेंसियों से कहा कि वे मिशन मोड में काम करें और सर्दियों से पहले जमीन पर नतीजे दिखाई देने चाहिए। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समयबद्ध तरीके से उनका क्रियान्वयन और निगरानी भी जरूरी है।

दिल्ली-एनसीआर में हर साल प्रदूषण को लेकर उठने वाले सवालों के बीच यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि धूल नियंत्रण, स्वच्छ परिवहन और औद्योगिक निगरानी जैसे उपाय राजधानी की हवा को कितना साफ बना पाते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+