टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक बदलाव, लाल गेंद छोड़ मैच के बीच में आएगी पिंक बॉल, मैदान पर उतरेंगे कोच
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने टेस्ट फॉर्मेट को और रोमांचक बनाने के लिए एक युगांतरकारी फैसला लिया है। अब लाल गेंद से शुरू होने वाले टेस्ट मैच में अगर खराब रोशनी बाधा बनती है, तो खेल को रोका नहीं जाएगा। ऐसी स्थिति में फ्लडलाइट्स ऑन करके गुलाबी गेंद (Pink Ball) से मैच को आगे जारी रखा जा सकेगा।
इस नए नियम के तहत,यदि किसी दिन खराब रोशनी के कारण ओवर अधूरे रह जाते हैं, तो पिंक बॉल की मदद से उन्हें पूरा किया जाएगा। हालांकि आईसीसी ने साफ किया है कि यह नियम तभी लागू होगा जब सीरीज शुरू होने से पहले दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड और टीमें इस पर अपनी लिखित सहमति जताएंगी।

मैदान पर उतरेंगे हेड कोच
टेस्ट क्रिकेट की परंपराओं को बदलते हुए आईसीसी ने अब फुटबॉल और टी-20 की तर्ज पर रणनीतिक बदलाव किया है। खेल के दौरान होने वाले ड्रिंक्स ब्रेक में अब टीम के हेड कोच या उनके सहायक रणनीतिक चर्चा के लिए सीधे मैदान के अंदर जा सकेंगे। इससे कप्तानों को मैच के बीच में बड़ी मदद मिलेगी।
एक्शन पर हॉक-आई की नजर
गेंदबाजों के संदिग्ध बॉलिंग एक्शन (चकिंग) पर लगाम लगाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। अब मैच अधिकारियों और अंपायरों को सीधे 'हॉक-आई' (Hawk-Eye) डेटा का एक्सेस मिलेगा। इस सटीक डेटा की मदद से अंपायर खेल के दौरान ही किसी भी गेंदबाज के संदिग्ध एक्शन की जांच और रिपोर्ट आसानी से कर सकेंगे।
टी-20 में समय की पाबंदी
सीमित ओवरों के खेल को रफ्तार देने के लिए टी-20 इंटरनेशनल में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। पारियों के बीच मिलने वाले ब्रेक को अब 20 मिनट से घटाकर केवल 15 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा, खेल दोबारा शुरू होते ही बल्लेबाजों को तुरंत क्रीज पर तैयार रहना होगा।
कनाडा सस्पेंड और विमेंस शेड्यूल
अन्य बड़े फैसलों में, प्रशासनिक गड़बड़ियों के कारण 'क्रिकेट कनाडा' को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए साल 2026 में 'इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी' होगी, जबकि 2027 में होने वाली विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी को अब जून-जुलाई की बजाय फरवरी (14 से 28 फरवरी) में आयोजित किया जाएगा।












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