ओवैसी ने कांवडियों पर फूल बरसाने का किया विरोध, तो नरोत्तम मिश्रा ने दिया ये जबाव
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एआईएमएम प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी के कांवड यात्रा पर उठाए गए सवाल का जबाव देते हुए कहा, वे पत्थर बरसाने वालों पर मौन रहते हैं, और जिन शिवभक्तों पर फूल बरसाए जा रहे हैं, उससे उन्हें आपत्ति हो र
भोपाल,28 जुलाई। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एआईएमएम प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी के कांवड यात्रा पर उठाए गए सवाल का जबाव देते हुए कहा, वे पत्थर बरसाने वालों पर मौन रहते हैं, और जिन शिवभक्तों पर फूल बरसाए जा रहे हैं, उससे उन्हें आपत्ति हो रही है। उनपर पूछते हैं, वे हैं कौन। मिश्रा ने ओवैसी पर एक विशेष समुदाय की पार्टी होने का आरोप लगाया, जबकि बाजेपी को सर्वधर्म समभाव की विचारधारा के साथ काम करने वाली पार्टी बताया। उन्होंने कहा, हम वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करते हैं, जबकि ओवैसी वोटबैंक के लिए संकीर्ण राजनीति करते हैं। जो चिंता का विषय है।

फूल बरसाने पर बौखलाए
ओवैसी ने बुधवार सुबह एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने एक अखबार की खबर को आलेख में लेते हुए बीजेपी पर भेदभाव का आरेप लगाया। उन्होंने लिखा, कांवडियों का रौब इतना है, कि उन्हें एक मुस्लिम पुलिस अहलकार का नाम भी बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, संवैधानिक पद पर रहते हुए भाजपा एक समुदाय के साथ भेदभाव कर रही है। ओवैसी ने कहा सड़कों पर नमाज पढ़ने पर खूब हाय तौबा की जाती है। वहीं कांवडियों के लिए रोड ट्रैफिक डायवर्ट किया जा रहा है, इससे किसी को आपत्ति नहीं हो रही। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, एक समुदाय पर बुल्डोजर चला दिया जाता है, वहीं दूसरे पक्ष का फूलों से स्वागत किया जा रहा है। आपको बता दें सरकार के कांवडियों के इस स्वागत का कुछ विपक्षी पार्टियां भी विरोध कर रही हैं।
ओवैसी संकीर्ण राजनीति करते हैं
एक न्यूज चैनल से मुखातिब होते हुए मिश्रा ने कहा, ओवैसी वोटबेंक की राजनीति करते हैं, जो चिंता का विषय है। वे पत्थर बरसाने वालों पर चुप रहते हैं और भगवान शिव में आस्था रखने वालों का जब स्वागत किया जा रहा है, तो इनको आपत्ति हो रही है। राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी का कहना है, कि सावन का महीना साल में एक बार आता है। और नमाज हर शुक्रवार को होती है। हालांकि ईद जैसे विशेष त्यैहार पर भी सरकार की तरफ से खास इंतजाम किए जाते हैं।
यूपी में आ रहे हैं कांवडिए
आपको बता दें इन दिनों उप्र और उत्तराखण्ड में कांवड यात्रा चल रही है। सावन के महीने में गंगा घाटों से जल भरकर कांवडिए अपनी कांवड सजाते हैं और पैदल अपने घर के लिए रवाना होते हैं। मान्यता है, इससे महादेव प्रसन्न हो जाते हैं। उत्तराखण्ड में हरिद्वार, ऋषिकेष और उप्र में गढ़मुक्तेश्वर, राजघाट, सोरों जी, कछला घाट, प्रयागराज और बनारस जैसे कुछ घाटों में स्नान कर कांवडिये जल भरकर ले जाते हैं। कांवडियों के स्वागत के लिए सरकार ने कुछ खास इंतेजाम किए हैं।












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