ओडिशा: आदिवासियों ने PESA को सच्ची भावना से लागू करने की मांग की, प्रदर्शन कर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
ओडिशा में 13 जिलों के आदिवासियों ने पंचायत का अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार (PESA) को लागू करने की मांग की। इसके लिए आदिवासियों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आदिवासियों ने अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत विस्तार (PESA) अधिनियम 1996 को तत्काल लागू करने की मांग की।
ग्राम सभा समन्वय समिति के सदस्यों ने ओडिशा स्टेट PESA के बैनर तले पेसा के क्रियान्वयन की मांग को लेकर एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि सच्चे मन और भावना से PESA को लागू करें। ग्राम सभा का निर्णय लेने वाले प्राधिकारी के रूप में इसे मान्यता दें।

इसके साथ ओडिशा राज्य अचल संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1956, विनियमन -2 के तहत सुरक्षा सुनिश्चित करें और जनजातीय सलाहकार परिषद में उठाए गए विनियमन -2 के प्रस्तावित संशोधन की अनुमति न दें।
सभा को संबोधित करते हुए सलाहकार सुदर्शन छोटराय, अध्यक्ष बुधुआ जोजो और सचिव पांडुराम हेंब्रम ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, आदिवासी विरासत, आदिवासी संस्कृति की रक्षा करने और जमीनी स्तर पर अंतिम निर्णय लेने वाली इकाई के रूप में ग्राम सभा को सशक्त बनाने की अपील की।
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इसके बाद 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल को एक ज्ञापन सौंपा। उन्हें लाखों आदिवासियों के लंबे समय से लंबित संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराया।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह ओडिशा में PESA अधिनियम 1996 को सच्ची भावना से लागू करने का मुद्दा उठाएंगे। वह भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा को भी इससे अवगत कराएंगे। इसके अलावा, राज्यपाल ने आदिवासियों की भूमि को गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित करने पर ओडिशा अचल भूमि हस्तांतरण अधिनियम 1956, विनियमन -2 के प्रस्तावित संशोधन पर चिंता व्यक्त की।
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