ओडिशा: आदिवासी संस्कृति देश को बनाती है समृद्ध, CM नवीन पटनायक ने जनजातीय गौरव दिवस का किया उद्घाटन
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जनजातीय गौरव दिवस का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ओडिशा की अनूठी आदिवासी संस्कृति राज्य और देश को समृद्ध बनाती है।
उन्होंने कहा कि अगर संस्कृति को उचित महत्व नहीं दिया गया तो कोई विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमने एसडीसी को शुरुआती नौ से बढ़ाकर 23 जिलों तक बढ़ा दिया है।

सीएम नवीन पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार 'अमा ओडिशा, नबीन ओडिशा' पहल के हिस्से के रूप में संस्कृति पर बहुत जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल नौ एसडीसी को 175.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि आवंटित की गई है।
इस अवसर पर बोलते हुए एसटी और एससी विकास मंत्री जगन्नाथ साराका ने कहा कि अब तक 1800 आदिवासी समूहों को संगीत वाद्ययंत्र प्राप्त हुए हैं। 1000 नृत्य मंडलियों को उनकी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए पोशाकें दी गई हैं। विभाग की आयुक्त-सह-सचिव रूपा रोशन साहू ने कहा कि 2017-18 में लॉन्च होने के बाद से एसडीसी का विस्तार नौ से 23 जिलों तक हो गया है, जिसमें केवल पांच वर्षों में 173 ब्लॉक शामिल हैं।
2023-24 वित्तीय वर्ष में 14 जिले जोड़े गए हैं। एसडीसी का लक्ष्य मार्च 2024 तक 500 सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करना है और अगले साल 14, 15 और 16 फरवरी को आदिवासियों के लिए एक राज्य स्तरीय सम्मेलन की योजना है। उन्होंने कहा कि तब तक हम पूरे ओडिशा में 2800 से अधिक संस्कृति क्लब भी स्थापित कर चुके होंगे।
समारोह में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये जनजातीय कलाकारों को संगीत वाद्ययंत्र और आभूषण दिये गये। इस कदम से नौ विशेष विकास परिषदों (एसडीसी) के तहत आदिवासी सांस्कृतिक मंडलों के 60000 से अधिक लोगों को लाभ होगा। 1891 आदिवासी सांस्कृतिक मंडलों के लिए 7.49 करोड़ रुपये के संगीत वाद्ययंत्र और 818 मंडलों के लिए 11.63 करोड़ रुपये के नृत्य परिधान नौ जिलों में वितरित किए जाएंगे। कुल मिलाकर 67500 कलाकारों वाले 2709 आदिवासी मंडलों को लाभ होगा।
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