ओडिशा: बस हड़ताल पर रोक, 31 अक्टूबर के बाद होगा अंतिम फैसला, बैठक रही बेनतीजा
ओडिशा के परिवहन मंत्री तुकुनी साहू का निजी बस ऑपरेटरों को उनकी मांगों का समाधान करने का आश्वासन गतिरोध तोड़ने में विफल रहा है। क्योंकि ऑपरेटरों ने अपने रुख से पीछे हटने से इनकार कर दिया है।
ऑल ओडिशा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन ने गुरुवार को मंत्री के साथ बैठक के बाद कहा कि वह 30 अक्टूबर को हड़ताल फिर से शुरू करने पर निर्णय लेगा, क्योंकि राज्य सरकार के साथ चर्चा बेनतीजा रही।

एसोसिएशन लोकेशन एक्सेसिबल मल्टीमॉडल इनिशिएटिव (LAccMI) और Mo बस योजनाओं के तहत कुछ मार्गों पर हाल ही में शुरू की गई राज्य-संचालित बसों का विरोध कर रहा है। एसोसिएशन के महासचिव देबेंद्र साहू ने कहा कि हड़ताल को 31 अक्टूबर तक रोक दिया गया है, लेकिन खत्म नहीं किया गया है।
परिवहन मंत्री ने हमें LAccMI और Mo बसों के चलने से निजी बसों को होने वाले नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने हमसे नुकसान की रकम लिखित में देने को कहा है। बस मालिक सोमवार को हमारी आम सभा की बैठक में इस बात पर फैसला लेंगे कि उन्हें फिर से हड़ताल पर जाना है या नहीं।
दूसरी ओर, साहू ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि LAccMI एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण लोगों के दरवाजे पर सार्वजनिक परिवहन प्रदान करना है।
इसे बंद नहीं किया जा सकता। पहले चरण में यह पहल उन क्षेत्रों में शुरू की गई है, जहां कोई निजी बस सेवा नहीं है। जिन रूटों पर निजी बसें चल रही हैं, वहां बस मालिक LAccMI बसों का विरोध कर रहे हैं। उनसे 30 अक्टूबर तक सरकार को एक लिखित ज्ञापन सौंपने को कहा गया है। राज्य में फिलहाल कोई बस हड़ताल नहीं होगी।
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