ओडिशा: मिशन शक्ति मंत्री बसंती बोलीं- गोद लेना हर बच्चे के लिए परिवार सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है
हर साल नवंबर के महीने को भारत में राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। ओडिशा सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एंजेसी ने भुवनेश्वर में 22 तारीख को दत्तक ग्रहण जागरूकता माह कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया। इस जागरूता माह को मनाने का उद्देश्य 6-18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को गोद लेने को बढ़ावा देना के अलावा कानूनन गोद लेने को बढ़ावा देना है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन शक्ति की मंत्री बसंती हेम्ब्रम ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में इस कार्यक्रम में सहभागिता की। मंत्री ने कहा बाल और सुरक्षा के लिए हमारी राज्य सरकार का सक्रिय दृष्टिकोण हमारे सबसे कम उम्र के नागरिकों की भलाई के लिए गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हेम्ब्रज ने कहा
ओडिशा राज्य जे.जे. के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जाना जाता है। अधिनियम 2015 गोद लेने संबंधी कार्याक्रमों में राष्ट्रीय स्तर पर हमारी उपलब्धियां काफी हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में, ओडिशा के 188 बच्चों को गोद लिया। 31 अक्टूबर, 2023 तक अतिरिक्त 130 बच्चों को 28 जिलों में 33 विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसियों के जरिए गोद दिया गया।
ओडिशा के महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त सह सचिव शुभा शर्मा ने कहा
प्रतिबद्धता गोद लेने की प्रक्रिया से परे गोद लिए गए बच्चों के समग्र कल्याण से विस्तारित है। शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पहलुओं को शामिल करते हुए उनकी अनूठी जरूरतों को पूरा करने के लिए सहायता प्रणाली सक्रिय रूप से विकसित की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वे अपने नए परिवारों में पनप सकें।












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