भुवनेश्वर स्थानीय निकाय चुनाव से पहले सरकार ने 29 वॉर्ड किए महिलाओं के लिए आरक्षित
भुवनेश्वर, फरवरी 01। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आगामी शहरी निकाय चुनावों से पहले राज्य सरकार ने 29 नए वॉर्ड को अनारक्षित रखने का फैसला किया है, जबिक इतनी ही संख्या के वॉर्ड को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया है। सरकार ने 67 वार्डों की अंतिम आरक्षण सूची उनके अधिकार क्षेत्र और सीमा के साथ जारी की है। वार्डों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ वार्डों का परिसीमन किया गया है, जबकि तीन वार्ड अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। तीन सभी अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए हैं। दो वार्ड अनुसूचित जनजाति (महिला) के लिए आरक्षित हैं जबकि एक सभी एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है।

आपको बता दें कि 2013-14 के शहरी निकाय चुनावों में वार्ड परिसीमन में बीएमसी में सात और वार्ड जोड़े गए। इससे पहले 60 वार्ड थे। पिछले बीएमसी चुनाव में, 20 वार्ड अनारक्षित रखे गए थे, जबकि नौ वार्ड ओबीसी महिलाओं के लिए और नौ अन्य ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थे। जबकि एससी (महिला) के लिए तीन वार्ड आरक्षित थे, दो को एसटी (महिलाओं) के लिए, तीन को एससी उम्मीदवारों के लिए और एक को एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखा गया था।
सरकारी सूत्रों ने खुलासा किया कि अंतिम सूची बनाने के लिए आरक्षण सूची के मसौदे में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। चूंकि संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए वार्डों के आरक्षण को युक्तिसंगत बनाया गया है, इसलिए इस बार उत्तरी क्षेत्र (जयदेव विहार से पटिया तक के क्षेत्रों) में आरक्षण के मामले में बड़े बदलाव देखे गए हैं। वार्ड 47 जो कि बीजद के पूर्व मेयर अनंत नारायण जेना का गढ़ था, महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड में झुग्गी-झोपड़ियों का दबदबा है।
आपको बता दें कि पिछले बीएमसी चुनाव में 20 वार्ड अनारक्षित रखे गए थे, जबकि नौ वार्ड ओबीसी महिलाओं के लिए और नौ अन्य ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थे। जबकि एससी (महिला) के लिए तीन वार्ड आरक्षित थे, दो को एसटी (महिलाओं) के लिए, तीन को एससी उम्मीदवारों के लिए और एक को एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रखा गया था।
सरकारी सूत्रों ने खुलासा किया कि अंतिम सूची बनाने के लिए आरक्षण सूची के मसौदे में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। चूंकि संतुलित प्रतिनिधित्व के लिए वार्डों के आरक्षण को युक्तिसंगत बनाया गया है, इसलिए इस बार उत्तरी क्षेत्र (जयदेव विहार से पटिया तक के क्षेत्रों) में आरक्षण के मामले में बड़े बदलाव देखे गए हैं।












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