532 हाईस्कूलों का कायाकल्प करेगी ओडिशा सरकार, निजी स्कूलों की तरह दी जाएंगी सुविधाएं
भुवनेश्वर, 2 जून। ओडिशा सरकार के फाइव टी उपक्रम के दूसरे चरण में विद्यालयो की रूपरेखा बदलने को लेकर लोकार्पण की प्रक्रिया शुरू हुई है। दूसरे चरण में प्रदेश के पांच जिले के 532 हाईस्कूल को शामिल किया गया है, जिसका मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को आनलाइन लोकार्पण किया है। इन पांच जिलों में मयूरभंज जिले में 339 हाईस्कूल, सोनपुर जिले में 41 हाईस्कूल, बौद्ध जिले में 24 हाईस्कूल, मालकानगिरी जिले में 47 हाईस्कूल, खुर्दा जिले में 81 हाईस्कूल शामिल हैं। इन विद्यालयों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध की जाएंगी। कुल छह चरण में ढाई हजार से अधिक स्कूलों का लोकार्पण किया जाएगा। इन विद्यालयों के लोकार्पण का उद्देश्य है स्कूलों तमाम आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा गुणात्मक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। इसमें से एक जून को मुख्यमंत्री ने पांच जिले के 532 स्कूलों का लोकार्पण किया है। राज्य में शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यह एक क्रांतिकारी कदम हाथ मे लिया है।

मजबूत होगी शिक्षा व्यवस्था
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद राज्य में शिक्षा व्यवस्था काफी मजबूत हो जाएगी। इस उद्घाटन कार्यक्रम में राजस्व व आपदा संचालन मंत्री सुदाम मरांडी, व्यापार व परिवहन मंत्री पद्मनाभ बेहेरा, फाइव सचिव वीके पांडियन के साथ वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगामी तीन जून को ढेंकानाल, गंजाम, कंधमाल, नवरंगपुर, अनुगुल जिले के स्कूलों का मुख्यमंत्री लोकार्पण करेंगे। इसके बाद चार जून को केन्दुझर, सुंदरगढ़, रायगड़ा, नुआपड़ा, देवगड़ जिले के स्कूलों को लोकार्पण किया जाएगा। छह जून को कटक, केन्द्रापड़ा, कालाहाडी, झारसुगुड़ा व बरगड़ जिले के स्कूलों का लोकार्पण करने का दिन निर्धारित किया गया है। आठ जून को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पुरी, बालेश्वर, नयागड़, जगतसिंहपुर, भद्रक जिले के स्कूलों को फाइव टी उमक्रम के तहत लोकार्पण करेंगे। 10 जून को जाजपुर, गजपति, संबलपुर, बलांगीर व कोरापुट जिले के स्कूलों का मुख्यमंत्री लोकार्पण करेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष व्यवस्था की गई है।
मिलेंगी ये सुविधाएं
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तमाम तिथि के हिसाब से मुख्यमंत्री स्कूलों का लोकार्पण करेंगे। पहले चरण में रूपांपरित 1075 विद्यालयों में प्रक्रिया खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री लोकार्पण प्रक्रिया शुरू किए हैं। पहले चरण में विद्यालयों की रूपरेखा बदलने के बाद और 3026 सरकारी हाई स्कूलों की नवीनीकरण प्रक्रिया जारी है। करीबन 500 स्कूलों की नवीनीकरण प्रक्रिया खत्म नहीं हुई है, ऐसे में उनका लोकार्पण बाद में किया जाएगा। गौरतलब है कि सरकारी विद्यालयों के रूपांतरण में करीबन प्रत्येक विद्यालय के लिए 50 से 60 लाख रुपये खर्च हो रहा है। इन विद्यालयों में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी, गुणात्मक लाइब्रेरी, खेल मैदान आदि शैक्षिक उपयोगी परिवेश को शामिल किया गया है। आगामी शिक्षा वर्ष से माध्यमिक शिक्षा में विज्ञान विषय को अधिक महत्व दिए जाने के साथ ही प्रेक्टिकल अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों का अत्याधुनिकीकरण किया जा रहा है।












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