दिल्ली में अब AI चलाएगा सिस्टम! अस्पताल, ट्रैफिक से सरकारी काम तक सबकुछ होगा स्मार्ट, नए प्लान से बढ़ी चर्चा

Delhi AI Governance: दिल्ली में अब सरकारी सिस्टम को पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राजधानी में जल्द ऐसा दौर आ सकता है, जब ट्रैफिक मॉनिटरिंग से लेकर अस्पतालों की डिजिटल व्यवस्था, सड़क पर गड्ढों की पहचान, प्रदूषण पर नजर और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी तक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद ली जाएगी। दिल्ली सरकार ने इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्टार्टअप्स, टेक कंपनियों और रिसर्च संस्थानों से AI आधारित समाधान मांगे हैं।

सरकार का कहना है कि अब पारंपरिक सिस्टम के बजाय डेटा और AI आधारित प्रशासन की तरफ बढ़ने का समय आ गया है। यही वजह है कि इस पहल को लेकर राजधानी में काफी चर्चा शुरू हो गई है।

Delhi AI Governance

▶️AI Governance Plan: आखिर सरकार क्या करने जा रही है?

  • दिल्ली सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। इसके जरिए उन कंपनियों और संस्थानों को बुलाया गया है, जिनके पास पहले से काम कर चुके AI आधारित सिस्टम मौजूद हैं।
  • सरकार ऐसे प्रोजेक्ट्स तलाश रही है जिन्हें दिल्ली के अलग-अलग विभागों में लागू किया जा सके। खास बात यह है कि सरकार केवल आइडिया नहीं, बल्कि ऐसे मॉडल चाहती है जो भारत या विदेश में पहले से सफल साबित हो चुके हों।
  • सरकार के मुताबिक चयनित कंपनियों को AI इनोवेशन शोकेस में अपने मॉडल का लाइव डेमो देने का मौका भी मिलेगा। इसके बाद अलग-अलग विभागों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं।
Delhi AI Governance

▶️दिल्ली के किन-किन सेक्टरों में होगा AI का इस्तेमाल?

दिल्ली सरकार ने जिन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, उनमें कई बड़े सेक्टर शामिल हैं।

🔷स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल हेल्थ

अस्पतालों में मरीजों के रिकॉर्ड, डिजिटल रिपोर्टिंग, बीमारी की शुरुआती पहचान और हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम को AI से जोड़ने की तैयारी है। इससे सरकारी अस्पतालों में कामकाज तेज और बेहतर हो सकता है।

🔷Transport And Mobility: ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाएं

ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाएं और रूट मैनेजमेंट जैसी समस्याओं से निपटने के लिए AI आधारित सिस्टम लाए जा सकते हैं। इससे ट्रैफिक कंट्रोल रूम को रियल टाइम डेटा मिलेगा।

🔷Smart City: शहर की प्लानिंग

शहर की प्लानिंग, निर्माण गतिविधियों की निगरानी, अवैध अतिक्रमण और रोड मैनेजमेंट में भी AI की भूमिका बढ़ सकती है।

🔷दिल्ली प्रदूषण और एयर क्वालिटी

दिल्ली में प्रदूषण सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। सरकार अब AI के जरिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग और प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स को ट्रैक करने की तैयारी कर रही है।

🔷PWD का AI रोड मॉनिटरिंग सिस्टम क्यों खास?

दिल्ली सरकार पहले ही AI आधारित रोड मॉनिटरिंग सिस्टम पर काम शुरू कर चुकी है। इस सिस्टम के जरिए सड़कों पर गड्ढों, मलबे और निर्माण गतिविधियों की पहचान की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग (PWD) एक ऐसा सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जहां अलग-अलग स्रोतों से आने वाली शिकायतों को AI की मदद से ट्रैक किया जाएगा। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

सरकार का मानना है कि इससे सड़क रखरखाव में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आसान होगा।

🔷Government's Bigger Vision: सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, पूरा प्रशासन बदलने की तैयारी

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि AI अब जरूरत बन चुका है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल छोटे प्रोजेक्ट चलाना नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे को टेक्नोलॉजी आधारित बनाना है।

अगर यह मॉडल सफल रहा, तो आने वाले समय में नागरिक सेवाओं, नगर निगम कामकाज, सार्वजनिक परिवहन और हेल्थ सेक्टर में बड़े बदलाव दिखाई दे सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल यह पहल AI आधारित समाधानों की पहचान और परीक्षण के लिए है। लेकिन भविष्य में इन्हें स्थायी तौर पर लागू भी किया जा सकता है।

🔷Last Date And Next Step: कंपनियों के लिए क्या है डेडलाइन?

दिल्ली सरकार ने यह EOI 12 मई को जारी किया था। आवेदन जमा करने की आखिरी 1 जून रखी गई है। इसके बाद सरकार चुनी गई कंपनियों और संस्थानों को अपने AI मॉडल प्रस्तुत करने के लिए बुला सकती है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि दिल्ली सरकार किन AI प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारती है और क्या राजधानी वास्तव में देश का पहला बड़े स्तर का AI गवर्नेंस मॉडल बन पाएगी।

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