सड़क हादसों में अब नहीं जाएगी जान, उत्तराखंड सरकार का बना ये प्लान
उत्तराखंड में सड़क हादसे रोकने के लिए हर जिले में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। ओवरस्पीड और ओवरलोड वाहनों पर फोकस होगा।

रेड लाइट, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग एवं मालवाहक वाहन में सवारी ले जाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग, नशे में वाहन चलाने पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि सबसे ज्यादा हादसे इन्हीं कारणों से होते हैं। वर्ष 2022 में जनवरी से नवंबर तक नियम तोड़ने वालों के चालान कर 3130 डीएल निरस्तीकरण को भेजे, इनमें बढ़ोतरी के निर्देश दिए।
गति सीमा दोबारा निर्धारित होगी: सभी जिलों में वाहनों की गति सीमा का दोबारा से निर्धारण किया जाएगा, ताकि इन्हें मेपल्स और गूगल मैप पर अपडेट किया जा सके। हाईवे ट्रैफिक पेट्रोलिंग यूनिट हादसों में कमी लाने के लिए 14 वाहनों से पेट्रोलिंग कर रही है। 2503 स्थानों पर पुलिस की ओर से अतिक्रमण हटाया गया है और 3678 का पुलिस ऐक्ट के तहत चालान किया गया है। 12,425 वाहनों को टो किया गया।
लोगों में बढ़ी जागरूकता: सड़क हादसों की रोकथाम के लिए यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों की शिकायत को लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उत्तराखंड पुलिस की ऐप में ट्रैफिक आईज के माध्यम से जनवरी से नवंबर तक 57627 में से 25395 शिकायतें स्पष्ट हैं। 23,396 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं।












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