भूकंप के मलबे से शिक्षा के शिखर तक: अदाणी पब्लिक स्कूल की 25 साल की गौरवगाथा
कच्छ के मुंद्रा स्थित अदाणी पब्लिक स्कूल (APS) ने रविवार को अपनी स्थापना के 25 साल पूरे होने पर सिल्वर जुबली मनाई। साल 2001 में शुरू हुए इस संस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन और सामाजिक विकास के ढाई दशक पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर स्कूल के छात्र, पूर्व छात्र, अभिभावक, शिक्षक और कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।

समारोह की अगुवाई अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने की। उन्होंने एक छोटे से सपने से शुरू होकर क्षेत्र के प्रमुख सीबीएसई (CBSE) संस्थानों में से एक बनने तक के स्कूल के सफर को याद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि APS मुंद्रा सिर्फ एक संस्थान नहीं है, बल्कि यह उनके 'पहले बच्चे' की तरह है जिसे सालों तक बड़े प्यार और भरोसे के साथ सींचा गया है।
डॉ. अदाणी ने बताया कि इस स्कूल की शुरुआत एक दूरदराज के इलाके में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साधारण से सपने के साथ हुई थी। गुजरात भूकंप जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद इसका निर्माण किया गया, जिसने इस प्रोजेक्ट को और तेजी से पूरा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने मुश्किल वक्त से उबरने के लिए साहस, धैर्य और टीम वर्क की अहमियत पर जोर दिया।
इस अवसर पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि यह 25 साल का सफर सिर्फ एक स्कूल का नहीं, बल्कि उन सपनों और संवरते भविष्य का जश्न है जिन्हें यहां आकार मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से निकलने वाला हर छात्र आत्मविश्वास और जुझारूपन के साथ समाज में अपना सार्थक योगदान देगा।
समारोह का मुख्य आकर्षण एक नए इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन रहा, जहां बैडमिंटन, पिकल बॉल और टेबल टेनिस जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके साथ ही 558 सीटों की क्षमता वाले एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम की भी शुरुआत की गई, जो कच्छ के सबसे बड़े ऑडिटोरियम्स में से एक है।
कार्यक्रम के दौरान स्टेम (STEM) और रोबोटिक्स प्रदर्शनी, आर्ट डिस्प्ले और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही स्कूल के 25 साल के सफर पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई और स्कूल की उपलब्धियों को समेटे हुए एक 'कॉफी टेबल बुक' का विमोचन भी किया गया।
शुरुआत में महज 233 छात्रों और 27 शिक्षकों के साथ शुरू हुआ APS मुंद्रा आज एक विशाल संस्थान बन चुका है, जहां 2,300 से ज्यादा छात्र और 100 से अधिक शिक्षक हैं। डॉ. अदाणी ने स्कूल की इस कामयाबी के लिए पूर्व और वर्तमान प्रिंसिपल्स, शिक्षकों और स्टाफ के योगदान की जमकर सराहना की।
उन्होंने उन पूर्व छात्रों की भी तारीफ की जो आज शिक्षा, सरकार, बिजनेस, डिफेंस, खेल और कला जैसे क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. अदाणी ने उनकी इन उपलब्धियों को स्कूल की 'सबसे बड़ी विरासत' बताया। कार्यक्रम का समापन स्कूल एंथम के साथ हुआ, जो अगले 25 वर्षों के विकास, नवाचार और उत्कृष्टता के संकल्प को दर्शाता है।












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