Hardoi News: हरदोई में बाहर से किताबें लेने पर भड़कीं प्रिंसिपल, स्टूडेंट की मां को कहा 'गंवार': Viral Video
Hardoi School Principal Viral Video: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से निजी स्कूलों की मनमानी और कमीशनखोरी के 'सिंडिकेट' का एक बेहद शर्मनाक वीडियो सामने आया है। सिविल लाइंस स्थित 'न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल' की प्रिंसिपल ममता मिश्रा एक महिला अभिभावक पर इस कदर भड़क गईं कि उन्होंने शिष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ दीं।
सिर्फ एक मिनट के वीडियो में प्रिंसिपल ने 10 बार 'शट अप' (Shut Up) चिल्लाया और अभिभावक को 'गंवार', 'अनकल्चरड' और 'ब्लडी फूल' जैसे शब्दों से अपमानित किया।

विवाद की जड़ वही है जो आज देश के करोड़ों अभिभावकों की पीड़ा है-स्कूल द्वारा निर्धारित दुकान के बजाय बाहर से किताबें और कॉपियां खरीदना।
Principal Mamta Mishra Viral Video; क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला अभिभावक नीलम वर्मा, जिनकी बेटी स्कूल में यूकेजी (UKG) की छात्रा है, अपनी बच्ची को लेने स्कूल पहुंची थीं। नीलम का आरोप है कि उन्होंने स्कूल के बताए 'महंगे' वेंडर के बजाय बाहर से स्टेशनरी खरीद ली थी। इसी बात से प्रिंसिपल आपा खो बैठीं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रिंसिपल चिल्लाते हुए कह रही हैं- "यू शट अप... गेट लॉस्ट! मैं रजिस्टर से बच्चे का नाम काट दूंगी।"
नीलम वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने न केवल उनके साथ बदसलूकी की, बल्कि उन्हें 'ब्लडी फूल' और 'गंवार' जैसे शब्दों से अपमानित भी किया। नीलम वर्मा ने बताया कि स्कूल प्रशासन उन पर ₹1,200 की अतिरिक्त नोटबुक केवल स्कूल से ही खरीदने का दबाव बना रहा था। जब उन्होंने 15 दिन का समय मांगा, तो उनके साथ बदसलूकी की गई।
स्कूलों की मनमानी पर अभिभावकों का निजी अनुभव: कहा-शिक्षा नहीं, यह खुली लूट है
इस घटना ने सोशल मीडिया पर 'शिक्षा के व्यापार' को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। Oneindia से अपना निजी अनुभव साझा करते हुए एक अभिभावक ने बताया कि यह समस्या अब हर घर की है- "मैंने खुद अपने तीसरी कक्षा के बच्चे के लिए करीब साढ़े आठ हजार रुपए की किताबें खरीदी हैं। इतना ही नहीं, स्कूल ने ड्रेस के लिए एक निश्चित दुकान तय कर रखी है, जहां सामान्य सी दिखने वाली ड्रेस की एक जोड़ी के दो हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। बाहर यही चीजें आधे दाम पर मिल सकती हैं, लेकिन स्कूल ऐसा करने नहीं देते।"
वायरल होने के बाद प्रिंसिपल की सफाई: वीडियो को एडिट किया गया
भारी विरोध के बाद प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि वीडियो अधूरा है और इसे गलत नैरेटिव बनाने के लिए एडिट किया गया है। उनके मुताबिक, अभिभावक उन पर एडमिशन फीस कम करने का दबाव बना रही थीं और स्कूल के टीकाकरण अभियान के दौरान बाधा डाल रही थीं। हालांकि, वीडियो में उनकी भाषा और चिल्लाने के तरीके पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई: तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मामला जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा विभाग तक पहुंच गया है। हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत कोई भी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।












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