अच्छी कनेक्टिविटी की वजह से चुनी गई है वह जगह जहां बनेगी हरियाणा की नई विधानसभा
चंडीगढ़, 11 जून। हरियाणा ने अपने नए विधानसभा भवन के लिए जमीन का चंडीगढ़ में चयन कर लिया है। नए भवन के लिए हरियाणा ने रेलवे स्टेशन ट्रैफिक लाइट प्वाइंट से आइटी पार्क की तरफ जाने वाले रास्ते पर दाईं ओर दस एकड़ जमीन चिन्हित की है। चंडीगढ़ प्रशासन ने ही हरियाणा को यह दस एकड़ जमीन का विकल्प सुझाया था। चंडीगढ़ की इस 10 एकड़ जमीन का चयन हरियाणा ने पंचकूला से कनेक्टिविटी को देखते हुए किया है। यहां से पंचकूला की बाउंड्री महज एक किलोमीटर दूर पड़ती है। विधानसभा से पंचकूला पहुंचने में पांच मिनट का समय भी नहीं लगेगा। हरियाणा से होती इस एक किलोमीटर की कनेक्टिविटी ही इस जमीन के चिन्हित करने की मुख्य वजह बनी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने अधिकारियों के साथ मौके पर इस जमीन का दौरा कर इसे चिन्हित किया है।

चंडीगढ़ प्रशासन हरियाणा को यह जमीन मौजूदा कलेक्टर रेट के हिसाब से देगा। कलेक्टर रेट के हिसाब से प्रति एकड़ 55 करोड़ रुपये इस जमीन का हरियाणा को देना होगा। ऐसे में दस एकड़ का 550 करोड़ रुपये चुकाना होगा। दूसरा विकल्प हरियाणा के पास यह भी रहेगा कि वह इसी कीमत की चंडीगढ़ से लगती दस एकड़ जमीन चंडीगढ़ को दे। हरियाणा सरकार जमीन चिन्हित होने के बाद अब दोनों ही विकल्पों पर काम कर रही है। हरियाणा को कलेक्टर रेट पर जमीन देने से सेल्फ फाइनेंसिग इंप्लाइज हाउसिग स्कीम के प्रोजेक्ट को भी झटका लगेगा जो सस्ती दरों पर जमीन मिलने के बाद मकान का इंतजार कर रहे हैं। मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स के सख्त आदेश हैं कि जमीन कलेक्टर रेट से कम किसी को नहीं दी जाएगी।
अभी रेलवे स्टेशन से आइटी पार्क को जाने वाले इस रोड पर व्यवस्तता काफी कम दिखती है। खासकर रेलवे लाइट प्वाइंट से मुड़ने के बाद दुर्गा नर्सरी मनीमाजरा के ट्रैफिक सिग्नल तक एकदम शांत माहौल है। एक तरफ जंगल है तो दूसरी तरफ खाली जमीन है जिस पर अब हरियाणा विधानसभा भवन बनेगा। यहां विधानसभा बनने से इस एरिया में वीआइपी आवाजाही बढ़ेगी। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की आवाजाही रहेगी। वीआइपी रूट लगने से ट्रैफिक भी प्रभावित होगा। वहीं दूसरी ओर कैपिटल कांप्लेक्स जाने की वजह से पूरा चंडीगढ़ क्रास करने की जरूरत नहीं रहेगी। चंडीगढ़ के एक किनारे पर विधानसभा होने से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी।
अभी हरियाणा में 90 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचते हैं। कैपिटल कांप्लेक्स स्थित विधानसभा भवन में से हरियाणा को हिस्सा मिला हुआ है उसे हरियाणा पहले ही काफी कम बताता रहा है। इससे विधायकों को बैठने में परेशानी होती है। खासकर कोरोना के दिनों में शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए सिटिग प्लान करने में दिक्कत आई। वर्ष 2026 में परीसीमन के बाद विधानसभा की सीटें बढ़कर 126 तक हो सकती है। ऐसे में नया भवन बनाना जरूरी हो गया है। हालांकि हरियाणा यह भी स्पष्ट कर चुका है कि पुरानी विधानसभा में वह सचिवालय के आफिस शिफ्ट करेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन ने नए भवन के लिए जो स्थान प्रस्तावित किए थे उनमें पहली जगह रेलवे चौक से आइटी पार्क की तरफ जाते वक्त मुख्य सड़क से दाईं ओर की यही जमीन जिसे अब फाइनल कर लिया है। दूसरी साइट मध्य मार्ग पर कलाग्राम के सामने मनीमाजरा की तरफ और तीसरी साइट राजीव गांधी आइटी पार्क के साथ प्रस्तावित थी।












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