नैनीताल: छात्रों से बोले सीएम धामी- उत्तराखंड देवभूमि के साथ गुरुकुल भूमि भी है

विद्याभारती के आवासीय विद्यालय पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय के वार्षिक उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विद्या भारती का एक अपना विश्व विद्यालय होना चाहिए। इसके लिए सब मिलजुल कर इस काम को पूरा करें।

सीएम धामी ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय में अपनों के बीच आया हूं। जैसा कि आपको मालूम हैं, ये विद्यालय बहुत ही कठिन परिस्थितियों में बना, आज ये विशाल परिवार का रूप ले चुका है, जगाती परिवार ने इस शिक्षण संस्थान के लिए अपनी भूमिदान कर शिक्षा सेवा का पुण्य कमाया है।

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उन्होंने कहा कि आज ये विद्यालय पूरे देश में ही नहीं बल्कि पड़ोसी मित्र देशों में भी अपनी पहचान अपनी साख बना चुका है। नेपाल, वर्मा और अन्य देशों के बच्चे यहां भारतीय संस्कृति की शिक्षा लेने आते हैं। सनातन से जुड़े रहने वाले यहां के पूर्व विद्यार्थी आज देश दुनियां में अपना नाम कमा रहे हैं।

सीएम धामी ने कहा कि इस विद्यालय में परम पूज्य प्रो. राजेंद्र सिंह, रज्जू भैय्या, सुदर्शन, अपने वर्तमान सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का भी यहां प्ररवास रहा है। आगे उन्होंने कहा कि विद्याभारती के ब्रह्मदेव शर्मा, हल्द्वानी के दान सिंह बिष्ट, अपने काला सभी ने इस विद्यालय को खड़ा करने में अपना अमूल्य योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज हम इस मुकाम पर पहुंच गए हैं, कि यहां के व्यवस्थापक श्याम जी ने इस स्थान पर विश्व विद्यालय बनाए जाने का संकल्प ले लिया है, ये हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि हम आप एक सुसंस्कृत विश्व विद्यालय की योजना बना रहे हैं। आपकी कल्पना साकार होगी, उत्तराखंड सरकार से व्यक्तिगत रूप से पुष्कर सिंह धामी से जो भी मदद चाहिए वो सबसे पहले मिलेगी।

सीएम धामी ने कहा कि आपने जो ये विचार दिया है सच मानिए ये मेरे मुंह की बात छीन ली, जब मैं यहां के लिए चला था तो मेरे मन में ये विचार चल रहा था कि विद्याभारती का अपना भी एक विश्व विद्यालय होना चाहिए क्यों न वो उत्तराखंड में हो हमारे यहां से पास आउट बच्चे भारतीय संस्कृति से जुड़कर शिक्षा ग्रहण करें उन्हें विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा तकनीक शिक्षा क्यों न इस देवभूमि से मिले। आपने मेरे मन की बात पूरी कर दी।

उन्होंने कहा उत्तराखंड देवभूमि है, गुरुकुल भूमि है, यहां ऋषिमुनि हुए जिन्होंने सनातन ग्रंथों की रचना इस पावन धरती पर बैठकर की ही है, अल्मोड़ा रामगढ़ चंपावत लोहाघाट में स्वामी विवेकानंद, रविंद्रनाथ टैगोर, महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, उदय शंकर, रवि शंकर, शैलेश मटियानी, शिवानी न जाने कितने विद्वानों ने यहां अपनी काव्य रचनाएं लिखी उपन्यास लिखे।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कहा सरस्वती विहार विद्यालय की ये पावन भूमि भी आप विद्यार्थियों को देश दुनियां में आपका नाम रोशन करें ऐसी शिक्षा आप यहां से लेकर निकले और अपने सनातन संस्कारों से जुड़े रहें।

पूर्व मुख्यमंत्री पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि आज जो बच्चों का हमने कार्यक्रम देखा वो अतुल्नीय है, प्रशंसनीय है। इन छात्रों को मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं, बच्चों आप निडर बनिए, अपने आप पर भरोसा रखिए और अपना लक्ष्य साफ रखिए, सकारात्मक सोच के साथ, गुरुजनों के अपने परिजनों अपने मित्रों के सहयोग के साथ आगे बढ़ते रहिए। कहीं कोई दिक्कत आए उसका समाधान केवल संवाद है, बातचीत करिए और देखना आपको समाधान जरूर मिलेगा। मेहनत, अनुशासन, समयबद्धता आपको मुकाम पर पहुंचाएगी।

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