सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को बेचने पर एमएलसी कविता ने केंद्र सरकार को घेरा
केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से सरकारी क्षेत्र के संगठनों को बेचने पर एमएलसी कविता ने हमला बोला है।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की एमएलसी के कविता ने शुक्रवार को केंद्र पर सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार जहां सिंगरेनी और बीएचईएल जैसे संगठनों की रक्षा कर रही है, वहीं केंद्र सरकार एक विशेष मंत्रालय बनाकर उन्हें बेच रही है। एमएलसी कविता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 13 लाख पद खाली होने के बावजूद केंद्र की बीजेपी सरकार ने नियुक्तियां नहीं की हैं।
के कविता ने कहा, 'हम तेलंगाना में 1 लाख 30 हजार नौकरियां भर रहे हैं। लेकिन जब नई नौकरी की अधिसूचना दी जाती है तो भाजपा प्रमुख बंदी संजय को बुरा लग रहा है। उन्हें दुख हो रहा है कि नौकरी की अधिसूचना जारी होने पर उनके झंडे को पकड़ने वाला कोई नहीं है।'
एमएलसी कलवकुंतला कविता नामपल्ली स्थित टीएनजीओ हैदराबाद कार्यालय में तेलंगाना अराजपत्रित अधिकारी संघ डायरी और कैलेंडर के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत के एक सफल लोकतांत्रिक व्यवस्था होने का मुख्य कारण कर्मचारी हैं। उन्होंने सीएम के चंद्रशेखर राव (केसीआर) के खिलाफ बंदी संजय की उस टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के कर्मचारियों को उनकी कठपुतली कहा था।
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